पटना. होली से पहले ही एक बार फिर से पूरे देश में कोरोना संक्रमण बढ़ता जा रहा है. सरकार की ओर से फिर से सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क को लेकर सख्ती बरतने के आदेश जारी किए हैं, लेकिन लापरवाही के चलते कई राज्यों में कोरोना महामारी लोगों को तेजी से अपनी चपेट में ले रही है. बिहार में भी रोजाना कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है. एक ही दिन में राज्य में 26 मरीजों का मिलना संक्रमण के बढ़ने का स्पष्ट संकेत हैं.

पिछले 24 घंटे में राज्य में जहां 26 लोगों के कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई है, वहीं पटना में सबसे ज्यादा 13 लोगों में पॉजिटिव की पुष्टि हुई है. बढ़ते पॉजिटिव मरीजों की संख्या को देखते हुए फिर से स्वास्थ्य विभाग ने सैम्पल जांच में तेजी लाने का निर्देश दिया है और 24 घंटे में 33 हजार 47 लोगों की कोरोना जांच की गई है. इसके साथ ही एक बार फिर से एक्टिव मरीजों (Active Patients) की संख्या में राज्य में बढ़कर 327 तक पहुंच गई है.

क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक
राज्य के मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह की अध्यक्षता में कोरोना क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक हुई थी, जिसमें स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत भी मौजूद थे. बैठक में सभी जिलों के डीएम और सिविल सर्जन को जहां अलर्ट किया गया है, वहीं निर्देश दिया गया है कि बाहर से आनेवाले लोगों की अनिवार्य रूप से कोरोना जांच हो साथ ही उनके सम्पर्क में आए लोगों की भी एंटीजन या आरटीपीसीआर किट से जांच की जाए.

कोरोना निगेटिव सर्टिफिकेट बिना एंट्री पर बैन
स्वास्थ्य विभाग ने यहां तक कि सभी बस स्टॉप, रेलवे स्टेशनों और एयरपोर्ट पर बाहर से आनेवाले यात्रियों के लिए नियम लागू कर दिया है कि बिना कोरोना निगेटिव सर्टिफिकेट (Corona Negative Certificate) के एंट्री नहीं दी जाएगी या फिर सर्टिफिकेट नहीं रहने पर स्पॉट पर ही कोरोना की जांच होगी. पॉजिटिव पाए जाने के बाद यात्रियों को घर की बजाय सीधा अब आइसोलेशन सेंटर भेजा जाएगा जिसको लेकर टीमें गठित कर दी गयी हैं.
चौतरफा अलर्ट, आइसोलेशन सेंटर बढ़ाने के निर्देश
राज्य में सभी आइसोलेशन सेंटर और क्वारेंटीन सेंटर पिछले 4 महीने से खाली हो गए थे, लेकिन अचानक बढ़ते आंकड़ों के बाद फिर से सभी को एक्टिव किया जाएगा. सभी जिलों में आइसोलेशन सेंटर बढ़ाये जाने को लेकर सिविल सर्जन को भी निर्देश दिए गए हैं. माना जा रहा है कि कल फिर से केंद्र और राज्य सरकार बड़ा फैसला ले सकती है और नए गाइडलाइन्स भी जारी की जा सकती हैं, क्योंकि पिछले साल की स्थिति की गंभीरता से हर कोई अवगत है.
Source : News18






