सीतामढ़ी  शहर के पुराने एक्सचेंज रोड में अपराधियों ने प्रभात साइकिल स्टोर्स के मालिक प्रभाष हिसारिया को गोलियों से भून डाला। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हालांकि, स्वजन उन्हें शहर के एक बड़े निजी नर्सिंग होम लेकर पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने भी मृत घोषित कर दिया।

हिसारिया की हत्या के तुरंत बाद सीसीटीवी फुटेज सामने आ गया है। उसमें साफ दिखाई दे रहा है कि तीन अपराधी एक ही बाइक से आए थे। तस्वीर में ट्रीपल लोडिंग वाली बाइक पर बीच में बैठे शख्स के हाथ में पिस्टल देखा जा सकता है। पुराने एक्सचेंज रोड के निवासी और गांधी चौक पर प्रभात साइकिल स्टोर्स के मालिक प्रभात हिसारिया का पीछा करके अपराधियों ने बिल्कुल करीब से गोलियां मारीं। उस समय व्यवसायी कोट बाजार में अपने साइकिल के गोदाम से निकलकर बाइक से पुरानी एक्सचेंज रोड स्थित अपने घर लौट रहे थे।

अपराधियों ने उनके सीने में दो गोलियां मारीं। जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। व्यवसायी के गोदाम से कुछ दूरी पर ही अपराधियों ने इस वारदात को अंजाम दिया। कुछ ही देर पहले ही व्यवसायी अपने इस गोदाम में घर से आए थे। ऐसा लगता है अपराधी उनकी ताक में ही थे। मौके पर पुलिस के तमाम बड़े पदाधिकारी पहुंच चुके हैं। घटनास्थल पर मौजूद एसपी अनिल कुमार व एसडीपीआ सदर डॉ. कुमार वीर धीरेंद्र ने कहा कि अपराधियों की तस्वीर सीसीटीवी कैमरे में कैद है। शहर की नाकाबंदी कर दी गई है। फुटेज के आधार पर अपराधियों की पहचान कर गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई की जा रही है। लोग काफी आक्रोशित हैं। शहर को बंद कराने पर आमादा हैं। पुलिस मान-मनौव्वल में लगी है। लॉकडाउन में दिनदहाड़े हत्या की इस सनसनीखेज वारदात के बाद पुलिस प्रशासन के होश उड़ गए हैं। गोली लगते ही व्यवसायी बाइक के साथ सड़क पर ही गिर पड़े। उनकी मौत हो चुकी थी। बावजूद स्वजन उन्हें शहर के एक बड़े निजी नर्सिंग होम लेकर पहुंचे। इलाज कर रहे चिकित्सक डॉ. वरुण कुमार ने उनको मृत घोषित कर दिया। चिकित्सक ने बताया कि व्यवसायी के सीने में दोनों तरफ एक-एक गोली लगी है। बिल्कुल करीब से गोली लगने से घटनास्थल पर ही उनकी मृत्यु हो चुकी थी।

हत्या के कारणों के पीछे रंगदारी की बात सामने आई है। रंगदारी के लिए वर्ष 2008 से 2010 के बीच कई बार प्रभात स्टोर्स में फायरिंग और बम विस्फोट भी हो चुका है। इस सिलसिले में कई मामले नगर थाने में दर्ज हैं। वर्ष 2008 में शातिर चिरंजीवी सागर उर्फ चिरंजीवी भगत ने रंगदारी मांगी थी। नहीं देने पर बम विस्फोट कराया था। नवीन मेडिकल हाल के मालिक यतीन्द्र खेतान की हत्या के बाद शहर में किसी बड़े व्यवसाई की हत्या की यह पहली और बड़ी वारदात है। रुन्नीसैदपुर प्रखंड के चिरंजीवी सागर उर्फ चिरंजीवी भगत वही शख्स है जो हत्या की वारदातों को अंजाम देने के साथ मीडिया के दफ्तरों को फोन कर घटना की जिम्मेदारी लेता था।

Input : Dainik Jagran

Muzaffarpur Now – Bihar’s foremost media network, owned by Muzaffarpur Now Brandcom (OPC) PVT LTD