बिहार में शराबबंदी के बावजूद शराब का धंधा होने को लेकर एसपी मद्यनिषेध ने उत्पाद विभाग के अधिकारियों की भूमिका पर सवाल खड़ा किया है। एसपी द्वारा शराब के धंधे में उत्पाद विभाग के इंस्पेक्टर, दारोगा और सिपाही के संलिप्त होने का आरोप लगाते हुए इनके और रिश्तेदारों की संपत्ति की जांच करने को कहा गया है। इस बाबत उन्होंने सभी जिलों के एसएसपी और एसपी को पत्र लिखा है। यह पत्र सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गया है।

एसपी मद्यनिषेध द्वारा लिखे गए पत्र में कहा गया है कि बिहार के सभी थाना क्षेत्र में चोरी-छुपे उत्पाद विभाग के इंस्पेक्टर, दारोगा और सिपाही को चढ़ावा चढ़ाकर शराब की खरीद-बिक्री का धंधा किया जा रहा है। इससे शराबबंदी कानून का मजाक उड़ रहा है। उन्होंने विगत वर्षोँ से उत्पाद विभाग में कार्यरत इंस्पेक्टर, दारोगा और सिपाहियों के साथ उनके रिश्तेदारों की चल-अचल संपत्ति की जांच करने के साथ ही इनके परिवार के सदस्यों के मोबाइल लोकेशन की जांच करने को कहा है। यह पत्र 6 जनवरी को लिखा गया है। उस वक्त एसपी मद्यनिषेध के पद पर राकेश कुमार सिन्हा पदस्थापित थे। मंगलवार को सात आईपीएस अफसरों का तबादला किया गया है, जिसमें उन्हें विशेष शाखा में एसपी बनाया गया है।

मैं कई दिनों से अस्वस्थ हूं। 1 जनवरी से दफ्तर नहीं गया हूं। इस पत्र के बाबत मुझे कोई जानकारी नहीं है। – राकेश कुमार सिन्हा, एसपी मद्यनिषेध

Input: Live Hindustan

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