बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने समाज सुधार अभियान  में आज यानी मंगलवार को औरंगाबाद  में थे. यहां के पुलिस लाइन मैदान में उन्होंने पांच जिलों की जीविका दीदियों के साथ संवाद कार्यक्रम में कहा कि शराबबंदी के साथ-साथ समाज सुधार के लिए अभियान चलाने वाला बिहार देश का अग्रणी और पहला राज्य है. उन्होंने कहा कि बिहार नशा मुक्त, दहेज प्रथा मुक्त और बाल विवाह मुक्त राज्य के लिए निरंतर अभियान चलाते रहेगा. यदि राज्य और राष्ट्र को तरक्की करना है तो समाज सुधार के लिए इस तरह के कार्यक्रमों को लागू करना ही होगा.

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि शराबबंदी लागू करने के बाद आज बिहार के लाखों घरों में खुशहाली आई है, और इसके सकारात्मक व दूरगामी परिणाम नजर आने लगे हैं. उन्होंने कहा कि शराब से न केवल कई प्रकार की बीमारियां फैलती है, बल्कि घर-परिवार भी टूटता है. इससे समाज और राज्य खोखला होता है इसलिए ऐसी बुरी चीजों का हर वक्त विरोध करते रहना चाहिए और यह स्वस्थ समाज के लिए बहुत जरूरी है.

सीएम नीतीश ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की रिपोर्ट के अनुसार सबसे ज्यादा सड़क दुर्घटनाएं शराब पीकर वाहन चलाने के कारण होती हैं, और अब बिहार में सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मौतों में काफी कमी आई है. इसी प्रकार शराब से होने वाली बीमारियों में भी कमी दर्ज की जाने लगी है. उन्होंने कहा कि शराबबंदी कानून लागू होने से विधि-व्यवस्था को नियंत्रित करने में भी मदद मिली है.

अप्रैल 2016 से बिहार में लागू है शराबबंदी कानून

बता दें कि नवंबर 2015 में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के साथ गठबंधन में विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने के बाद नीतीश कुमार ने सातवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. अप्रैल 2016 में नीतीश कुमार ने राज्य में शराबबंदी कानून लागू किया था. इस कानून के तहत प्रदेश में शराब बेचने और खरीदने पर पूर्ण प्रतिबंध है. यदि कोई इसका उल्लंघन करते हुए पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाती है.

Source : News18

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