लगातार दो दिन बैंकों में हड़ताल थी। बैंकों का निजीकरण और केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों का बैंक कर्मी कड़ा विरोध कर रहे थे। दो दिनों की इस हड़ताल से देश का काफी बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ। अब तीसरे दिन यानी आज सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनियां हड़ताल पर हैं। बीमा कंपनियों में काम करने वाले लोग भी निजीकरण का विरोध कर रहे हैं। केंद्र सरकार सार्वजनिक बीमा क्षेत्र की चार कंपनियों नेशनल इंश्योरेंस, न्यू इंडिया इंश्योरेंस, ओरिएंटल इंश्योरेंस और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस में से किसी एक का निजीकरण करना चाहती है। इस बारे में इस बार के बजट सत्र के दौरान केंद्र सरकार की तरफ से कहा गया था। साथ ही केंद्र सरकार FDI भी 49 प्रतिशत से बढ़ाकर 74 प्रतिशत करने जा रही है। इस पर बीमा कंपनियों में काम कर रहे लोगों ने अपना कड़ा ऐतराज जताया है। इसी वजह से बुधवार को एक दिन का हड़ताल बिहार-झारखंड सहित पूरे देश में किया गया है।
![]()
बैनर-पोस्टर लगा कर हैं प्रदर्शन
पटना समेत राज्य के तमाम जिलों में ब्रांच ऑफिस में ताला जड़कर बीमा कंपनियों में काम करने वाले लोग धरना दे रहे हैं। केंद्र सरकार के खिलाफ अपने ऑफिस के बाहर ही बैनर-पोस्टर लगाकर प्रर्दशन और नारेबाजी कर रहे हैं। इस एक दिन के हड़ताल से अकेले बिहार में बीमा सेक्टर में करीब 100 करोड़ से अधिक का लेन-देन प्रभावित होगा।

ग्राहकों को लेन-देन में हो रही परेशानी
बिहार में इस हड़ताल को ज्वाइंट फोरम ऑफ यूनियन एंड एसोसिएशन लीड कर रही है। इनके बुलाए हड़ताल का व्यापक असर अब तक पटना के साथ-साथ मुजफ्फरपुर, मोतिहारी, बेतिया, सीतामढ़ी, दरभंगा, भागलपुर, पूर्णिया और समस्तीपुर सहित तमाम जिलों में देखने को मिला है। इस हड़ताल की वजह से बीमा कंपनियों में होने वाले लेने-देन के साथ ही बीमा के क्लेम के भुगतान पर भी बड़ा असर पड़ा है। जिन्हें आज क्लेम के रुपए मिलने वाले थे, वह नहीं मिल पाए। कई लोग आज अपना पेमेंट लेने के लिए ब्रांच पहुंचे भी तो उन्हें हड़ताल की वजह से वापस जाना पड़ा। अब उन्हें नई तारीख पर आना पड़ेगा।

सरकार लाए फैसले में बदलाव
नेशनल इंश्योरेंस कंपनी ऑफिसर्स एसोसिएशन के ऑल इंडिया उपाध्यक्ष और बिहार-झारखंड इकाई के महासचिव अंशु शेखर के एक दिन के इस हड़ताल को पूरी तरह से सफल बताया है। साथ ही कहा कि केंद्र सरकार इसके बाद भी अपने फैसले में बदलाव नहीं लाएगी तो इससे भी कड़ा विरोध और बड़ा आंदोलन बीमा कंपनियों के कर्मचारी आने वाले दिनों में करेंगे। वहीं, चौथे दिन यानी गुरुवार को LIC के अफसर और कर्मचारी IPO लाने का विरोध करते हुए एक दिन के हड़ताल पर रहेंगे।
Source : Dainik Bhaskar







