पटना सहित राज्य के 26 जिलों में शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र पटना ने अगले दो दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान ठंड से बचाव के लिए विशेष सावधानी बरतने की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा पटना सहित कई शहरों में कोल्ड डे जैसे हालात भी बन रहे हैं। मौसम का मिजाज यूं ही बना रहा और अधिकतम तापमान में थोड़ी और गिरावट आई, तो कोल्ड डे घोषित हो सकता है।
वरीय वैज्ञानिक शैलेंद्र कुमार पटेल ने बताया कि उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में लगातार बर्फबारी हो रही है। उत्तर पश्चिम और पश्चिम की ओर से चलने वाली सर्द हवाएं बिहार में प्रवेश कर गई हैं, जिनकी रफ्तार 15 से 20 किमी प्रतिघंटे तक है। इनके प्रभाव से रात के साथ दिन के तापमान में लगातार गिरावट दर्ज हो रही है। बताया कि उत्तर पश्चिम के साथ मध्य बिहार, दक्षिण पश्चिमी बिहार और दक्षिण मध्य बिहार में शीतलहर का ज्यादा प्रकोप रहेगा।
पारा 3.6 डिग्री: सूबे में सबसे ठंडा रहा गया
मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि शनिवार को गया सूबे का सबसे ठंडा जिला रहा, जहां का न्यूनतम तापमान 3.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब छह डिग्री सेल्सियस कम है। वहीं, पटना का न्यूनतम तापमान छह डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4.3 डिग्री सेल्सियस कम है। भागलपुर का न्यूनतम तापमान 8.6 और पूर्णिया का न्यूनतम तापमान 9.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पटना का अधिकतम तापमान 20.4 डिग्री सेल्सियस है, जो सामान्य से 3.8 डिग्री सेल्सियस कम है। उधर, मुजफ्फरपुर में बर्फीली पछुआ हवा हाड़ कंपा रही है। खासकर रात से देर सुबह तक ज्यादा परेशानी हाे रही है। कड़ाके की ठंड से आम जनजीवन बेहाल है। लगातार दूसरे दिन शनिवार को भी धूप ताे खिली, पर हवा के कारण बेअसर रही। दिन के तापमान में शुक्रवार के मुकाबले 0.3 डिग्री तो रात के तापमान में 0.2 डिग्री की गिरावट आई। शुक्रवार की रात अबतक की सबसे सर्द रात रही जब पारा 8 डिग्री तक नीचे गिर गया। जिले का अधिकतम तापमान भी सामान्य से 5.5 डिग्री कम 18.5 डिग्री रहा।
इन जिलों में अभी शीतलहर नहीं
जिन जिलों में फिलहाल शीतलहर का प्रकोप नहीं रहने की संभावना है, उसमें सुपौल, अररिया, मधेपुरा, किशनगंज, सहरसा, पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर, बांका, मुंगेर, खगड़िया और जमुई हैं। इनको छोड़कर शेष 26 जिलों के लिए शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है।
कब घोषित होता है कोल्ड डे
मौसम वैज्ञानिक का कहना है कि अगर न्यूनतम पारा 10 डिग्री से कम हो और अधिकतम सामान्य से साढ़े से 6.4 डिग्री कम हो जाए, तो कोल्ड डे की स्थिति बनती है। पटना दो दिनों से कोल्ड डे जैसी स्थिति के करीब है। ऐसे में तापमान में थोड़ी सी गिरावट ठंड के प्रकोप को और बढ़ा सकती है।
Input: Dainik Bhaskar





