होली का पर्व अपनी मस्ती और हुड़दंग के लिए जाना जाता है। इस बार कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए इससे परहेज जरूरी है। होली पर्व मनाएं लेकिन इस बीच कोरोना से बचाव के तीनों मंत्र- मास्क पहनना, शारीरिक दूरी और हाथों की सफाई को कतई नहीं भूलें। इन तीनों उपायों का पालन करने से आप काफी हद तक कोरोना संक्रमण से बच सकते हैं। बेहतर होगा कि रंगों को पानी में घोलकर खेलने की बजाय इस बार भीड़भाड़ वाली जगहों से दूर रहते हुए घर में एक-दूसरे को टीका लगाकर होली मनाई जाए। यदि कोई बाहरी व्यक्ति रंग लगाने आता है तो उनके हाथ सैनिटाइज कराने के बाद ही रंग लगवाएं। ये बातें इंडोक्राइन सुपरस्पेशियलिटी हॉस्पिटल न्यू गार्डिनर के निदेशक डॉ. मनोज कुमार सिन्हा ने कहीं।

अन्य राज्यों से आने वाले अपनों की सुरक्षा का रखें विशेष ध्यान :

डॉ. सिन्हा ने बताया कि महाराष्ट्र, केरल, पंजाब, कर्नाटक, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और गुजरात के बाद अब प्रदेश में भी कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। होली पर इनके समेत अन्य राज्यों से घर आए लोगों पर स्वजन व पड़ोसियों को संक्रमण से सुरक्षित रखने की बड़ी जिम्मेदारी है। वे अपनी कोरोना जांच अवश्य कराएं और भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें। होली पर्व के दिन भी सभी से कम से कम दो गज की दूरी रखें और मास्क जरूरी पहनें।

भीड़भाड़ से बचने में ही है भलाई

भीड़भाड़ वाली जगहों पर कोरोना बचाव के तीनों नियम जाने-अनजाने टूट ही जाते हैं। यही वह समय होता है जब संक्रमण तेजी से फैलता है। होली में एकसाथ रंग खेलना और खाना-पीना हमारी संस्कृति है लेकिन इस बार या तो ऐसा नहीं करें। और यदि शामिल होना ही है तो शारीरिक दूरी, मास्क पहनने के साथ हाथ धोने के नियम का पालन जरूर करें।

रंग लगाने के पहले हाथ सैनिटाइज करना बेहतर

डॉ. मनोज के अनुसार इस बार सामूहिक की बजाय घर पर ही होली खेलें। मास्क पहनना नहीं भूलें और किसी को रंग लगाने के पहले हाथ जरूर सैनिटाइज कर लें। बेहतर होगा कि पानी वाली होली के बजाय रंग का माथे पर तिलक करें।

Input: Dainik Jagran

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