औरंगाबाद। महिलाएं अब किसी भी कार्य में पीछे नहीं है। चाहे वह खेती हो, बागवानी हो या पढ़ाई। हर जगह पुरुषों से कंधे से कंधे मिलाकर चल रही है। इसी रास्ते पर एक बड़ी मिसाल औरंगाबाद प्रखंड के कर्मा भगवान गांव की महिला सरिता देवी ने पेश की है। सरिता 2018 से मशरूम की खेती कर रही है। दो वर्षों तक मशरूम बेचने के बाद उसने व्यवसाय बढ़ाने के लिए नया तरकीब सोंची।
मशरूम की खेती की नया तरकीब ने सरिता की जीवन ही बदल दी। सरिता मशरूम बेचने के साथ ही वह खुद से इसका बिस्किट बनाकर बाजार में बेच रही है। 50 रुपये की बिस्किट का यह पैकेट लोगों का खूब भा रहा है। स्वाद भी काफी बेहतरीन है। पौष्टिकता के कारण लोग इसको खूब खरीद भी रहे हैं।
1600 रुपये किलो बेच रही मशरूम पाउउर
मशरूम व इससे बनी बिस्किट ही नहीं, बल्कि सरिता इसका पाउडर भी खुद से घर पर बनाकर बाजार में बेच रही है। यह पाउडर बाजार में 1500 से 1600 रुपये किलो बिक रहा है। हर महीने आठ से 10 किलो पाउडर सरिता बनाकर बेचती है। सरिता ने बताया कि इसका पाउडर बनाना काफी आसान है। मशरूम को धूप में सूखाकर इसे मिक्सी में पीस लिया जाता है। इसके बाद कुछ प्रक्रिया करके इसका पाउडर तैयार किया जाता है। यह पाउडर काफी पौष्टिक होता है। लोग इसे चाय में डालकर पीते हैं।
बेटी व पति कर रहे सहयोग
सरिता के इस व्यवसाय में उसकी बेटी सलोनी कुमारी एवं पति अशोक ठाकुर काफी सहयोग कर रहे हैं। मशरूम उत्पादन से लेकर बिस्किट बनाने व पाउडर तैयार करने में बेटी मदद करती है। यही नहीं सरिता गांव की आसपास की महिलाओं के लिए प्रेरणा बनी हुई है। वह अन्य महिलाओं को इस तरह की खेती करने की गुर भी सीखा रही है। सरिता बताती है कि वह गांव में ही लीज पर जमीन लेकर मशरूम की खेती कर रही है।
कहते हैं कम्यूनिकेशन मैनेजर
जीविका के डीपीएम पवन कुमार ने बताया कि सरिता जीविका से जुड़ी हुई है। जीविका सरिता को हर तरह से मदद करता है। इसे मशरूम की खेती के लिए प्रोत्साहित किया गया था। सरीता का बिस्किट एवं पाउडर बाजार में लोगों को खूब पसंद भी आ रहा है।
Source : Dainik Jagran

