पटना के महावीर मंदिर की ओर से अयोध्या में संचालित राम-रसोई को भारत सरकार के ट्रेड मार्क रजिस्ट्री विभाग ने अपना सर्टिफिकेट निर्गत किया है। निबंधित ट्रेड मार्क मिलने से अब देश में दूसरी कोई संस्था या व्यक्ति ‘राम रसोई’ नाम का उपयोग नहीं कर सकेगा। महावीर मंदिर न्यास के सचिव आचार्य किशोर कुणाल ने राम-रसोई को ट्रेड मार्क रजिस्ट्री सर्टिफिकेट मिलने पर प्रसन्नता जाहिर की है। उन्होंने बताया कि नवम्बर, 2019 में रामलला के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद यह राम रसोई अयोध्या में प्रारंभ की गई थी। अयोध्या के इतिहास में पहली बार महावीर मंदिर, पटना ने बाहर के सभी तीर्थयात्रियों के लिए अन्नक्षेत्र प्रारंभ किया।

हर रोज एक से दो हजार लोग करते हैं भोजन

निबंधित राम-रसोई के लोगो में भगवान् श्रीराम शबरी के बेर खाते हुए दिख रहे हैं। अयोध्या में राम-रसाई इतनी प्रसिद्ध हो गयी है कि पटना के महावीर मंदिर का प्रचार-प्रसार देश के गांव-गांव में हो रहा है। यहां भोजन के पहले महावीर जी का जयकारा लगता है और हर तीर्थालु को अवगत कराया जाता है कि यह निःशुल्क अन्न क्षेत्र महावीर मंदिर की ओर से चलाया जा रहा है। अयोध्या स्थित अमावा राम मंदिर परिसर में राम-रसोई का संचालन किया जा रहा है। यहां प्रतिदिन औसतन एक हजार से दो हजार लोगों को भोजन कराया जाता है।

गाय के घी के साथ मिलता है दोपहर का भोजन

श्रद्धालु बिना किसी राशि का भुगतान किए शुद्ध भोजन करते हैं। दोपहर के इस भोजन में जीरा राइस, कचौड़ी, आलू दम, मिक्स सब्जी, अरहर दाल, पापड़, तिलौरी, चटनी और गाय का घी परोसा जाता है। बिहारी शैली में उन्हें प्रेम से पूछ-पूछकर भोजन कराया जाता है। महावीर मंदिर न्यास की ओर से सीतामढ़ी स्थित माता सीता के प्राकट्य स्थान पुनौरा धाम में सीता-रसोई का संचालन किया जाता है। पुनौरा धाम में आनेवाले श्रद्धालुओं को यहां निःशुल्क शुद्ध भोजन दोनों शाम कराया जाता है।

Source : Dainik Jagran

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