बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उपचुनाव में दोनों सीटों पर मिली जीत के बाद मिथिलांचल को रिटर्न गिफ्ट देना नहीं भूले. सीएम नीतीश कुमार ने गुरुवार को जहां दरभंगा के कुशेश्वरस्थान पहुंचकर बाढ़ से निजात के लिए ड्रेनेज निर्माण का एलान कर बड़ा तोहफा दिया था, वहीं आज शुक्रवार को मधुबनी पहुंच कर नीतीश कुमार ने मिथिलावासियों की सबसे बड़ी समस्या बाढ़ से निजात दिलाने के लिए बड़े योजनाओं की शुरुआत की. सीएम नीतीश ने आज मधुबनी में कमला बलान नदी पर नए बराज के निर्माण का कार्य की शुरुआत कराई. इस दौरान उन्होंने खुद निर्माण कार्य का निरीक्षण भी किया. बता दें, कमला बलान नदी पर बराज बन जाने से एक तरफ जहां बाढ़ से लोगों को निजात मिलेगी, वहीं सूखे के दिनों में खेती के लिए किसानों को समुचित मात्रा में पानी उपलब्ध हो सकेगा.

इसके अलावा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कमला बलान के बाएं और दाएं प्रतिबंधों पर 80 किलोमीटर लंबी सड़क चौड़ीकरण और पक्कीकरण का काम शुरू करवा कर मिथिलावासियों को एक और बड़ा तोहफा दिया. सीएम नीतीश के मिथिलांचल दौरे को लेकर यहां के लोगों में काफी उत्सुकता थी. सीएम नीतीश ने उपचुनाव में जीत के बाद अपने वादों को पूरे करने के लिए मिथिलांचल वासियों को कई सौगातें भी दी.

जानिए क्या है बराज की खासियत, कब तक बनकर होगा तैयार?
कमला बलान नदी पर बनने वाले बराज और इसके दोनों तरफ हो रहे हैं सड़कों के पक्कीकरण से ना सिर्फ मधुबनी बल्कि दरभंगा जिले के लोगों को भी बड़ी राहत मिलने वाली है. कमला बलान नदी पर बराज का निर्माण 405.66 करोड़ की लागत से होगा. इस बराज को मार्च 2023 तक निर्माण पूरा होने का लक्ष्य रखा गया है. फिलहाल नदी का जल प्रवाह 290.2 मीटर ही है जो बराज निर्माण के बाद नदी में जल प्रवाह वाटर वे 550 मीटर हो जाएगा. बाढ़ के समय नदी में जल स्तर कम होगा बाढ़ कम आएगा.

मधुबनी-दरभंगा के कई प्रखंडों के लोगों को मिलेगी राहत
इस बराज से मधुबनी के जयनगर, बासोपट्टी, खजौली, लदनियां, कलुआही, हरलाखी, मधवापुर प्रखंडों को काफी राहत मिलेगी. कमला बलान के बाएं और दाएं तटबंध के चौड़ीकरण और पक्कीकरण फेज-1 के निर्माण से मधुबनी के साथ साथ-साथ दरभंगा के 12 लाख लोगों को को फायदा पहुंचेगा. यह पिपराघाट पुल से ठेंगहा पुल तक 80 किमी लंबे तटबंध का पक्कीकरण होगा, जिसकी लागत 325.10 करोड़ रु होगी. इस निर्माण से 0.48 लाख हेक्टेयर भूमि और जन संपदा को बाढ़ से राहत मिलेगी.

सुपौल, वाल्मिकीनगर के बाद होगा यह तीसरा बराज
बाढ़ से लोगों को राहत पहुंचाने के लिए बिहार में अभी तक दो बराज बनाए गए हैं, पहला बराज आजादी के ठीक बाद भारत नेपाल सीमा पर सुपौल जिले के वीरपुर में बनाया गया जिससे कोसी के कारण आने वाले बाढ़ से लोगों को राहत मिलती है. वहीं पश्चिमी चंपारण के वाल्मीकिनगर में बने बराज से पश्चिमी चंपारण सहित अगल-बगल के कई जिलों को लाभ मिलता है. मधुबनी के जयनगर में कमला बलान नदी पर बराज बन जाने के बाद मधुबनी के साथ दरभंगा के 12 लाख लोगों को इससे फायदा मिलेगा.

डीबी कॉलेज का भी होगा कायाकल्प
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज मधुबनी पहुंचकर जय नगर में स्थित देवी कॉलेज के कायाकल्प करने की भी घोषणा की. कई विधायकों और मंत्रियों ने यह मांग रखी थी कि डीबी कॉलेज की हालत खस्ता है और इसे पुनर्जीवित करने की जरूरत है क्योंकि इस कॉलेज से ना सिर्फ कई बड़े नेता बल्कि कई आईएएस भी बन कर निकले हैं. ऐसे में नीतीश कुमार ने घोषणा करते हुए कहा कि आज ही शिक्षा मंत्री को कहकर कॉलेज की स्थित ठीक करने और उचित संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति की बात कहेंगे.
Source : News18
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