त्रिस्तरीय पंचायत और ग्राम कचहरियों के चुनाव में चरण दर चरण परिणाम बता रहे कि गांवों की सत्ता पर काबिज माननीयों को जनता एक-एक कर खारिज कर रही। इसे सत्ता विरोधी लहर का कहर कह सकते हैं या फिर विकास योजनाओं में भ्रष्टाचार को लेकर जनता की नाराजगी। शुक्रवार को चौथे चरण का चुनाव परिणाम आया। बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री रामसूरत राय के बड़े भाई भरत राय मुजफ्फरपुर जिला में बोचहां प्रखंड की गरहां पंचायत से मुखिया का चुनाव महज 76 मतों से हार गए हैं।

बोचहां के विधायक मुसाफिर पासवान की बहू भी जिला परिषद के सदस्य पद का चुनाव हार गईं। स्वजनों और परिवार को उम्मीद थी विधायक की बहू होने के नाते इस बार बड़ी जीत मिलेगी, लेकिन जनता ने नकार दिया। वहीं, निर्वतमान मुखिया निधु देवी बक्सर जिला में इटाढ़ी प्रखंड के हरपुर जलवांसी पंचायत में चुनाव चुनाव हार गई हैं। वे झारखंड सरकार में मंत्री रहे और जमशेदपुर के विधायक सरयू राय की बहू हैं।

तीन चरणों में भी ऐसे ही आए परिणाम
इससे पहले तीन चरणों के चुनाव परिणाम में भी कई दिग्गजों के रिश्तेदार ढेर हो गए थे। अहम यह है कि गांवों की सरकार की बागडोर कई बार से संभाल रहे माननीय को जनता ने बुरी तरह से खारिज दिया है। उप मुख्यमंत्री रेणु देवी के भाई बेतिया में जिला परिषद सदस्य पद का चुनाव हार चुके हैं। वैशाली जिला में पातेपुर से विधायक लखीन्द्र पासवान की पत्नी भी पराजित हो चुकी हैं। गौरतलब है कि बिहार में इस बार 11 चरणों में पंचायत चुनाव हो रहे हैं। तीन फेज का इलेक्शन संपन्न हो चुका है। चारों चरण के रिजल्ट भी आ गए हैं। हर चरण के परिणाम इस बार चौंकाने वाले हैं। अभी सात चरण का इलेक्शन होना है। ऐसे अप्रत्याशित परिणाम आने की उम्मीद आगे भी है।
Source : Dainik Jagran
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