बिहार के मुजफ्फरपुर में 2008 से रुकी हुई शिक्षक बहाली का रास्ता साफ हो गया है. जिसके अभ्यर्थियों ने नियोजन इकाई और अधिकारियों से लम्बी लड़ाई लड़ी है. जिसके बाद राज्य अपीलीय प्राधिकार ने बड़ी कार्यवाई करते हुए गायघाट नियोजन इकाई में रिक्त शिक्षकों की जल्द ही बहाल करने का निर्णय लिया है. वहीं इसके लिए अभ्यर्थियों ने 12 साल की लंबी लड़ाई लड़ी है. साथ ही बहाली सम्बंधी कार्यवाही नहीं होते तक बीडीओ और बीईओ का वेतन रोक दिया गया है. साथ ही तीन दर्जन से अधिक रिक्तियों पर बहाली होनी है.
राज्य अपीलीय प्राधिकार के आदेश के बाद से शिक्षकों के खाली रिक्त पदों पर बहाली का रास्ता भी साफ हो गया है. साथ ही प्राधिकार की तरफ से आदेश दिया गया है कि बहाली कार्यवाही नहीं होने तक बीडीओ और बीईओ का वेतन रोक दिया जाए. जिसके बाद मुजफ्फरपुर के जिला अधिकारी ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए राज्य अपीलीय प्राधिकार के आदेश के तेज गति से कार्यवाही करने का निर्देश दिया है. वहीं 2008 में रिक्तियां रहते हुए भी बहाली नहीं किया गया था.
ये रिक्तियां 2008 से अनियमितता के चलते तत्कालीन अधिकारियों ने इनकी बहाली नहीं की. जिसके बाद अभ्यर्थियों ने उस मामले को प्राधिकार में लेकर गए. जहाँ पर 2015 में जिला अपीलीय प्राधिकार ने तीन महीने के अंदर बहाली का आदेश दिया था, लेकिन नियोजन इकाई के अधिकारी राज्य अपीलीय प्राधिकार के पास चले गए. वहीं राज्य अपीलीय प्राधिकार ने जिला अपीलीय प्राधिकार के फैसले को यथावत रखा है और डीएम को उस आदेश को पालन करवाने का निर्देश भी दिया है.
Input: Live Hindustan