सिस्टम की अव्यवस्था कहें या बिना सोचे-विचारे निर्माण। मेन राेड के सड़क-नाले ऊंचे हाे रहे। ऐन बरसात में आधा-अधूरा निर्माण से पास के गली-माेहल्लाें के राेड-नाले-मकान इतने नीचे हाे जा रहे हैं कि मेन राेड के नालाें का गंदा पानी घराें में घुस जा रहा है। वर्तमान में मिठनपुरा इलाके के लाेग यही दुर्दशा झेल रहे हैं। निर्माणाधीन क्लब व चर्च रोड के कारण अधिकतर गलियाें में सड़क-नाले व घर एक हाे गए हैं।

चर्च राेड से जुड़े 4 मोहल्ले मुख्य मार्ग से 3 फीट तक नीचे हो गए हैं। इस कारण इन माेहल्लाें की न सिर्फ गलियां पानी में डूब गई हैं, बल्कि नाले का गंदा पानी घरों में घुस गया है। मानसून की शुरुआत में ही इस दुर्दशा काे देखकर लाेग इतने डर गए हैं कि वे अपना अाशियाना छाेड़कर किराए के मकान में शरण ले रहे हैं।

कुछ लाेग जमीन गिरवी रख लाेन लिए लाखाें रुपए से बने-बनाए मकान काे जैक लगवाकर ऊंचा करवाए हैं। लाेगाें का कहना है कि शुरुआत में यह हाल है ताे इस बार घर-घर में घुटनाभर पानी घुसेगा। एमजीओ गली में रह रहे आरएमएलएस कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रेवती रमण ने कहा कि सामने पानी इतना है कि पीछे के घर के आंगन से होकर बाहर आ-जा रहे हैं।

निगम कराए पानी निकासी

जिस तरह से इस मेन रोड को बनाया गया है उसी तरह से बगल के मोहल्लों से पानी निकासी की व्यवस्था भी नगर निगम और जिला प्रशासन कराए। नहीं तो बरसात में बड़ी दुर्घटना हो सकती है। उसके लिए नगर निगम ही जिम्मेदार होगा। -गार्गी सिंह, वार्ड पार्षद

बाेलीं काजल सिन्हा- नाले के पानी के साथ सांप-बिच्छू भी घर में घुस रहे

जगदीशपुरी लेन- 1 में काजल सिन्हा तीन दशकाें से अपने मकान में रह रही हैं। इस साल चर्च रोड ऊंचा होने से यह गली ही नाली हो गई है। नाले के गंदा पानी के साथ सांप-बिच्छू भी घराें में घुस रहे हैं। सबसे बुरी स्थिति ताे यह है कि गली के बीच में ही नाला है जिसका स्लैब टूट चुका है। घर से निकलना मुश्किल है। एेसे में किराए पर मकान लेने के अलावा काेई चारा नहीं है। मदनानी लेन के एक परिवार ने नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा कि जलजमाव के कारण उन्हें क्लब रोड के पांडेय लेन में किराए पर मकान लेना पड़ा है। व्यवसायी अनिल कुमार ने कहा कि वे भी घर छोड़ रहे हैं।

मोहल्लों में किसी के आवासीय परिसर तो किसी के घर में भी घुस गया है नाले का पानी, मोटर लगा कर सुबह-शाम निकालना पड़ रहा

मेन नाले का पानी किसी के आवासीय परिसर तो किसी के घर में भी घुस जाने के कारण मोटर लगाकर निकालना पड़ रहा है। जेएम कॉलेज के प्रो. पीके सिन्हा कहते हैं कि दिन में दो बार सुबह-शाम पानी निकालना पड़ रहा है। जिस घर के नाले से निकासी थी वहीं से पानी आ रहा है। मोटर तो मोहल्ले के अधिकतर लाेगाें को खरीदना पड़ा है। इनकी मानें तो बारिश की शुरुआत में यह स्थिति है ताे आगे लगता है घर में बाढ़ आ जाएगी। यह सोचकर रातों की नींद उड़ गई है।

नाले पर जोड़वानी पड़ रही ईंट

पंकज कुमार ने कहा कि 20 जून को बेटे का जनेऊ है, बाहर से भी कुछ नाते-रिश्तेदार आएंगे। नाला पर ईंट जोड़वा रहे हैं, ताकि एक दिन किसी तरह गली में नाले का पानी न जमा हो। मोहल्ले की निकासी का लेवल देखे बिना जो मन में आया कर दिया गया है।

रोड जब घर की खिड़की के बराबर आ गया ताे लोन लेकर मकान को उठवाना पड़ा ​​​​​​​

अधिवक्ता संजय कुमार चर्च रोड के मूल निवासी हैं। दाे माह पहले जब राेड बनना शुरू हुअा ताे आधी रात को नाला ऊंचा कर ढाल दिया गया। उनका घर भी रोड से 3 फीट नीचे हो गया। उन्हाेंने कहा कि सुबह उठने पर देखा कि घर की खिड़की रोड के बराबर आ गई है। ढलाई से पहले बताया गया था कि इतना ऊंचा नहीं होगा। काेई उपाय न देख आईसीआईसीआई बैंक से लोन लेकर मकान को 6 फीट ऊंचा कराना पड़ा। ग्राउंड फ्लोर के सभी कमराें के फर्श भी नए बनाने होंगे। पीएण्डटी क्षेत्र के रवि श्रीवास्तव, राघवेंद्र समेत 8 लोग जैक लगवाकर घर काे ऊंचा करा चुके हैँ।

Input: dainik bhaskar

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