पहले फॉर्ब्स इंडिया के प्रेरणादायक व्यक्तियों की सूची में स्थान, फिर पुस्तक ‘अनस्टॉपेबल करेज’ के सह लेखक के तौर पर दुनिया भर में सराहना और अब अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संघ में ‘युवा सशक्तिकरण एवं नेतृत्व विकास, राष्ट्रीय निदेशक’ के रूप में नियुक्ति। मुजफ्फरपुर के अरिंजय राज ने एक के बाद एक नई – नई उपलब्धियों से यह सत्यापित किया है कि “मानव जब जोर लगाता है पत्थर भी पानी बन जाता है”।

अरिंजय की एक और उपलब्धि ने एक बार फिर मुजफ्फरपुर सहित बिहार को गौरवान्वित किया है। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संघ द्वारा अरिंजय को ‘युवा सशक्तिकरण सह नेतृत्व विकास, राष्ट्रीय निदेशक’ के पद पर नियुक्त किया गया है। अरिंजय देश के कुल 22 राज्यों की संयुक्त टीम का निर्देशन करेंगे। इसके अंतर्गत युवा सशक्तिकरण एवं भावी पीढ़ी में कुशल नेतृत्व के गुण का विकास करने पर जोर दिया जाएगा।

आज के दौर में युवाशक्ति समय का रुख मोड़ने में पूर्णतः सक्षम है, बस आवश्यकता है उन्हें सही राह दिखाने की। अरिंजय इसी महत्त्वाकांक्षी परियोजना हेतु प्रतिबद्ध है। अरिंजय लम्बें समय से युवाओं के बीच दक्षता के विकास के लिए कई उल्लेखनीय योगदान देते आएं हैं, साथ ही सामाजिक गतिविधियों में भी काफी सक्रिय रहते हैं। ये आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर जी के द्वारा अपने उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रशंसित भी किए जा चुके हैं।

ज्ञात हो कि अरिंजय, मुजफ्फरपुर के ब्रह्मपुरा के निवासी हैं तथा ध्यान, योग और सकारात्मक मनोविज्ञान की दिशा में लगभग 20 वर्षों से काम कर रहे हैं। युवाओं को मार्गदर्शन प्रदान करना इनका काम भी है और शौक भी। अरिंजय, हावर्ड मेडिकल स्कूल से कोविड स्ट्रेस मैनेजमेंट का कोर्स भी कर चुके हैं और वर्तमान में ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ के नेशनल फैकल्टी के रूप में कार्यरत हैं। साथ ही इनकी दूसरी पुस्तक अनस्टॉपेबल करेज को ‘अमेजॉन इंटरनेशनल बेस्ट सेलर’ लिस्ट में नंबर 1 का खिताब भी मिल चुका है।




