आखिरकार स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने स्वीकार कर ही लिया कोरोना महामारी के मामले में राज्य की हालत बदतर है. पिछले 10 दिनों में महामारी को लेकर जो स्थिति प्रदेश की बनी, वह काफी चिंताजनक और अव्यवस्थापूर्ण रहा. स्वास्थ्य मंत्री ने स्वीकार किया कि एक तरफ जहां रेमडेसिविर इंजेक्शन की दिक्कतें आईं वहीं दूसरी ओर ऑक्सीजन के लिए भी लोगों के बीच हाहाकार की स्थिति बन गई. लेकिन अब उन्होंने भरोसा दिया है कि स्थिति को संभाल लिया गया है.

उन्होंने कहा कि झारखंड में ऑक्सीजन के रॉ मैटेरियल के लिए अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है. तेजी के साथ इस पर काम भी हो रहा है. बताया कि ऑक्सीजन बनाने के मामले में नतीजा कुछ इस रफ्तार में रहा तो प्रदेश में ऑक्सीजन की कमी समस्या को बहुत ही जल्द दूर कर लिया जाएगा. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि रेमडेसिवर इंजेक्शन की किल्लत को दूर करने लिए 50 हजार इंजेक्शन का आर्डर दिया जा चुका है. यह जल्द ही आने की उम्मीद है. दवा कंपनी के लोगों से लगातार संपर्क साधा जा रहा है.

बता दें कि प्रदेश में कोरोना महामारी के बीच ऑक्सीजन सिलिंडर और इंजेक्शन के लिए अफरा_तफरी की स्थिति मच गई थी. लोग इलाज सुविधा नसीब नहीं हो पाने की वजह से असमय दम तोड़ने के लिए विवश हो गए थे. इस मामले में अब स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि निश्चित तौर पर जिस तरीके से पिछले 10 दिनों में हालात बिगड़े हैं, उससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा है. ऑक्सीजन की कमी समस्या को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में ऑक्सीजन सिलिंडर की समस्या को बहुत हद तक दूर कर लिया गया है.
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