बिहार में उपचुनाव के नतीजे आने के अगले दिन ही राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव अपने पूरे परिवार के साथ दिल्ली चले गए लेकिन लालू यादव के दिल्ली जाने पर बिहार की सियासत तेज है. लालू फैमिली पर जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने जोरदार हमला करते हुए कहा है कि इसमें आश्चर्य की कोई बात नहीं है. यह होना ही था. वो लोग बिहार में कब रहते हैं. ललन सिंह ने कहा कि बाढ़ आता है तब भी वो बिहार से बाहर रहते हैं, कोरोना महामारी में भी लालू फैमिली दिल्ली में दुबकी थी. ललन ने कहा कि चुनाव आया तो प्रचार करने आए और चुनाव खत्म हुआ, हार गए तो दिल्ली चले गए.

ललन सिंह ने चुटकी लेते हुए कहा कि लालू फैमिली नॉनरेजिडेंट बिहारी यानी NRB है. माल बनाना ही लालू फैमिली का काम है. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार पूरे बिहार की चिंता करते हैं तो लालू यादव अपने घर भरने की चिंता करते हैं. ललन सिंह ने लालू फैमिली की तुलना साइबेरियन पक्षी से करते हुए कहा कि ठंड के मौसम में जिस तरह साइबेरियन पक्षी भारत आते हैं और ठंड समाप्त होते हैं वहां से चले जाते हैं उसी तरीके से लालू फैमिली हैं.

लालू यादव और तेजस्वी यादव को ना तो बिहार से प्रेम है और ना ही बिहार के विकास से प्रेम है. उन दोनो को तो बिहार के लोगों से भी प्रेम नही है. ललन सिंह ने कहा कि उन लोगों को सत्ता सुख चाहिए. सिर्फ किसी तरीके से सत्ता में आना चाहते हैं और माल बनाने का कोई कार्यक्रम हो जाए इसी पर ध्यान रहता है लेकिन नीतीश कुमार बिहार को कैसे विकसित किया जाए इस पर ध्यान देते हैं और लालू यादव को सिर्फ माल कैसे बनाया जाए इस बात पर ध्यान रहता है.

जेडीयू अध्यक्ष ने कहा कि लालू यादव ने कभी सोचा नहीं होगा कि बिहार का बजट 2 लाख 18 हज़ार करोड़ का होगा, यह नीतीश कुमार की सरकार बनी तभी संभव हुआ है. लालू फैमिली का एक ही काम है माल बनाना. सत्ता सुख प्राप्त करने के लिए लालू यादव और तेजस्वी यादव चुनाव प्रचार में जाते हैं लेकिन जनता ने अपना फैसला सुना दिया उनके पास कोई काम नहीं है तो दिल्ली चले गए. ललन ने कहा कि सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में वो दोनों पिता-पुत्र बिहार रहना ही नहीं चाहते हैं.
Source : News18
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