कोरोना काल में वैक्सीन की एहमियत सभी जानते हैं. वैक्सीन की डिमांड इतनी ज्यादा है कि सभी राज्यों को इसकी आपूर्ति भी समय से नहीं हो रही है. लेकिन इस बीच वैक्सीन की बर्बादी की भी खबर सामने आ रही है जो चौकानेवाली है. इस मामले के बिहार देश के शीर्ष 5 राज्यों में शामिल है.

कोरोना काल में वैक्सीन की डिमांड और आपूर्ति में काफी अंतर है. सभी राज्य वैक्सीन की डिमांड कर रहे हैं. लेकिन केंद्र सरकार के पास इतनी वैक्सीन नहीं है जिससे सभी राज्यों की डिमांड को पूरा किया जा सके. यही वजह रही कि बिहार में तीसरे चरण के टीकाकरण अभियान की घोषणा के बावजूद समय पर टीकाकरण अभियान शुरू नहीं हो सका. लेकिन वहीं, दूसरी तरफ बिहार में सबसे ज्यादा वैक्सीन की बर्बादी की खबर हैरान करनेवाली है.

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने वैक्सीन बर्बाद करने वाले राज्यों की एक सूची बनाई है. जिसमें बिहार पूरे देश में 5वें स्थान पर है. इससे पहले हुए सर्वे में बिहार 6 नंबर था. लेकिन बाद के दिनों में वैक्सीन की बर्बादी बढ़ गई. स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, बिहार में 5.20 फीसदी वैक्सीन बर्बाद हो रही है.

जानकारी के अनुसार, वैक्सीन बर्बाद करने वाले राज्यों में हरियाणा पहले पायदान पर है. दूसरे स्थान पर असम, तीसरे स्थान पर राजस्थान और चौथे स्थान पर मेघालय शामिल है. हरियाणा में 6.4 फीसदी, असम में 5.92 फीसदी, राजस्थान में 5.68 फीसदी, मेघालय में 5.67 फीसदी वैक्सीन बर्बाद हो रही है.

बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, जबतक 45 साल से ऊपर या स्वास्थ्यकर्मियों फ्रंटलाइन वर्करों का टीकाकरण चल रहा था उस वक्त वैक्सीन की बर्बादी ज्यादा नहीं थी. उस वक्त वैक्सीन की बर्बादी 2.9 फीसदी से 4.9 फीसदी तक रही. लेकिन जबसे 18 साल से ऊपर के लोगों का टीकाकरण शुरू हुआ है वैक्सीन की बर्बादी बढ़ गई है. हालांकि, इसके पीछे की वजहों पर कुछ भी बोलने से अधिकारी बच रहे हैं.
Source : Zee Bihar




