बिहार के प्रवासी मजदूरों को लेकर पहली श्रमिक स्पेशल ट्रेन शनिवार दोपहर दो बजे दानापुर जंक्शन पहुंची। कुल 1174 प्रवासी मजदूर अपने शहर पहुंच गए दानापुर पहुंचने के बाद सभी की स्क्रीनिंग की गई। इसके बाद अलग-अलग बसों से उन्हें उनके प्रखंड मुख्यालय में बने क्वारंटाइन सेंटर में भेज दिया गया।
किस जिले से कितने लोग लौटे :
जिला मजदूरों की संख्या
रोहतास 175
मुजफ्फरपुर 137
मधेपुरा 119
पूर्णिया 114
कटिहार 94
समस्तीपुर 81
अररिया 01
सीवान 01
पुलिस सुरक्षा में भेजे गए घर
स्क्रीनिंग के बाद सभी को खगौल के जगजीवन राम स्टेडियम में लाया गया। वहां सभी जिलों की अलग-अलग बसें खड़ी थी। हरेक जिले के नोडल अधिकारी और पुलिस की देखरेख में सभी प्रखंड मुख्यालय में बने क्वारंटाइन सेंटर के लिए रवाना किए गए। श्रमिक इधर-उधर नहीं चले जाएं, इसलिए हरेक जिले की पुलिस भी बस के साथ रही।
21 दिन बाद दोबारा होगी जांच
प्रखंड मुख्यालय में बने क्वांरटाइन सेंटर में प्रवासी मजदूरों को 21 दिन रखा जाएगा। अभी तक 14 दिन की क्वारंटाइन अवधि होती थी, लेकिन अब ज्यादा दिनों में लक्षण सामने आने के बाद ऐसा किया जा रहा है। 21 दिन बाद इनकी दोबारा जांच होगी। जांच में स्वस्थ मिलने पर ही अपने घर जा पाएंगे।
केरल की ट्रेन कल पहुंचेगी
केरल के एर्नाकुलम और तिरूर स्टेशन से शनिवार को अलग-अलग दो ट्रेनें खुलीं। सीपीआरओ राजेश कुमार ने बताया कि एर्नाकुलम की ट्रेन शनिवार शाम छह बजे और तिरूर से शाम साढ़े छह बजे खुली। दोनों ट्रेनें दानापुर स्टेशन चार मई यानी सोमवार को पहुंचेगी। दोनों ट्रेन में कुल करीब ढाई हजार लोग आएंगे। उन्होंने बताया कि अभी अन्य किसी राज्य से ट्रेन के बिहार आने की सूचना नहीं है। बिहार सरकार के स्तर से आग्रह आने के बाद रेल बोर्ड इसकी मंजूरी देता है।
Input : Live Hindustan







