राजपुर थाना की पुलिस ने एसपी के निर्देश पर जाली नोटों का कारोबार करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। तीन लोग इस मामले में गिरफ्तार किए गए हैं। जिसमें पिता पुत्र भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि लॉकडाउन में नौकरी जाने पर जाली नोट छापने लगे थे। पैसे कमाने की लालच ने पिता-पुत्र को हवालात पहुंचा दिया। मिली जानकारी के अनुसार यूट्यूब पर जाली नोट छापने के वीडियो देखकर दोनों नकली नोट छाप रहे थे। पुलिस ने जाली नोट के कारोबार में लिप्त 3 लोगों को गिरफ्तार किया है। दरअसल पुलिस ने गुप्त सूचना के आलोक में इस कार्रवाई को अंजाम दिया है।

पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि राजपुर थाना क्षेत्र के मनोहरपुर गांव में कुछ लोग जाली नोट छापने के कारोबार में लिप्त हैं। प्राप्त सूचना के बाद पुलिस ने एक टीम बनाकर छापेमारी की। जिसमें पुलिस ने 3 लोगों को हिरासत में लिया। यह तीनों आपस में रिश्तेदार बताए जाते हैं। पुलिस ने इनके पास से छपे हुए जाली नोट 3 लाख 12 हजार और अर्ध निर्मित नोट लगभग 65 हजार 600 के आसपास बरामद किया है। पुलिस ने इनके ठिकाने से नोट छापने की मशीन के अलावे प्रिंटर, पेपर और कटिंग करने का उपकरण के साथ गांधी जी का फोटो वाला पंच मशीन भी बरामद किया है।

लिखित गुप्त सूचना पर की गई कार्रवाई

एसपी नीरज कुमार सिंह ने मामले में जानकारी देते हुए बताया कि राजपुर थाना क्षेत्र के मनोहरपुर गांव में पिछले कई दिनों से जाली नोट कारोबार की सूचना मिल रही थी। हालांकि, इस दिशा में टीम को एक्टिव किया गया। जिसके बाद संपूर्ण जानकारी हासिल कर मामले में छापेमारी करते हुए कार्रवाई की गई। उन्होंने बताया कि आपस में रिश्तेदार चाचा भतीजा समेत तीन लोग जाली नोट के कारोबार में लिप्त थे जो नोट छापने का कारोबार करते थे। उन्होंने बताया कि फिलहाल गिरफ्तारी के बाद उनसे कड़ी पूछताछ की जा रही है। नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश पुलिस कर रही है।

गांव में डिफेंस का जवान बता बनाया था दबदबा

गिरफ्तार धर्मेंद्र सिंह मनोहरपुर और आसपास के गांव में डिफेंस के रिटायर जवान के रूप में दबदबा बनाया हुआ था। ताकि, कोई शक कर पुलिस को सूचना नही दे पाए।पुलिस के शुरुआती दौर के पूछताछ में राजपूताना राइफल के रिटायर कर्मी बताया था।लेकिन, पुलिस ने जब कड़ाई से पेश आई तो उसने बताया कि हैदराबाद और बनारस में सिक्योरिटी एजेंसी की संचालन करता है। बक्सर जिले के चौसा में बन रहे पावर प्लांट में सिक्योरिटी गार्ड का एजेंसी लेने के लिए गांव में आया था। गांव आने के बाद नोट छापने की प्रक्रिया शुरू कर दिया।

हैदराबाद से सीख कर आया जाली नोट का कारोबार : एसपी के मुताबिक पकड़े गए लोगों में शामिल मुख्य आरोपी धर्मेंद्र सिंह पहले हैदराबाद में रहता था। वह सिक्योरिटी गार्ड का एजेंसी चलाता था। जहां नोट छापने वाले कारखाने के भंडाफोड़ में नोट छापने का री ट्राई कराया गया था। पकड़े गए आरोपी ने नोट छापने की प्रक्रिया शुरू कर दिया। लॉकडाउन में गांव आने के बाद उसने इस कारोबार की शुरुआत की थी। फिलहाल अभी यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि जाली नोट छपने के बाद इन लोगों ने नोट को कहां-कहां खपाया है। हालांकि, अभी तक बाजार में नोट खपाए जाने की कोई जानकारी अनुसंधान में नहीं मिली है। फिर भी पुलिस तमाम बिंदुओं पर जांच पड़ताल कर मामले के तह तक जाने की कोशिश में जुटी है।

बरामद किए गए नोट 500, 200 और 100 के : गिरफ्तार किए गए लोगों के पास से बरामद निर्मित और अर्ध निर्मित जाली नोटों में 500 के अलावे 200 और 100 के नोट शामिल है। मामले की जानकारी देते हुए एसपी ने बताया कि फिलहाल इस मामले में बहुत कुछ नहीं कहा जा सकता। क्योंकि, अभी भी इस मामले से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी करनी बाकी है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से अनुसंधान कर रही है। जल्द ही मामले में कुछ और लोगों की गिरफ्तारी हो सक्ती।

Input: dainik bhaskar

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