भूख हर जीव को लगता है, अन्न ही जीवन है. सामर्थ्य लोग अपने जीवन में पकवान की मौज उड़ाते है लेक़िन इसी दुनिया में कुछ गरीब और बेसहाय भूख की छटपटाहट से तड़पते है, कुछ लोग इन तड़पते लोगो को देखकर अनदेखा कर देते है और कुछ होते है, चंदन कुमार जैसे नेक दिल इंसान जिन्हे उन मजबूरों की भूख अपने पेट की आग की तरह लगती है, इसलिये चंदन कुमार का प्रयास रहता है जहाँ तक उनकी नज़र जाये और जितना वो सामर्थ्य हो उतना प्रयास वो करते रहे.

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चंदन कुमार का जन्म वैशाली के महुआ थाना मे हुआ, उसके आगे की उनकी कर्मभूमि मुजफ्फरपुर बनी फिर उन्हें कड़ी मेहनत के बाद बिहार पुलिस की नौकरी मिली और वर्तमान में चंदन मोतिहारी में सब इंस्पेक्टर के पद पर तैनात है. ड्यूटी के दौरान चंदन कुमार की नज़र एक भूखे असहाय पर पड़ी जो भूखा नंगा ना जाने कई दिनों से भटक रहा था, चंदन कुमार का मन उसे देखकर विचलित हो गया उन्होंने अपने बैग से एक दर्जन केला निकाला और उसे खिलाने लगे, कुछ स्थानीय लोग और सामने आए उन्होंने उस असहाय के लिये चावल खिलाने का इंतजाम कर दिया और वहीं खड़े एक नौजवान ने अपने बदन के कपड़े निकाल कर उस असहाय को पहना दिया और खुद गमछा पहन कर घर गया. सब इंस्पेक्टर चंदन के प्रयास से कितने लोगों के मन मे मजबूर के मदद करने की ललक जगी.

चंदन कुमार ने जो उस वक्त किया वो पहली दफा नही था, भूखों को खिलाना असहाय की मदद करना चंदन के रोजमर्रा के जिंदगी का हिस्सा है, चंदन कुमार ने अनगिनत लोगो के मदद किये है और वो इसे अपना फ़र्ज़ समझते है.

सब इंस्पेक्टर चंदन का कहना है मनुष्य का कर्म उसके धर्म से भी बड़ा होता है और कर्म के फल से इंसान को सुख समृद्धि और मन को शांति मिलती है.

चंदन कुमार के इन्ही नेक कामों के लिये मुजफ्फरपुर नॉउ के टीम ने 2019 में चंदन कुमार को मुजफ्फरपुरियन ऑफ द ईयर का अवार्ड दिया था, हमारा विश्वास है कि अच्छे काम और अच्छे लोगों के सराहना करने से समाज के अन्य तबकों में भी लोगो के भीतर नेकी और इंसानियत का बीजारोपण होता है.

Abhishek Ranjan Garg

अभिषेक रंजन, मुजफ्फरपुर में जन्में एक पत्रकार है, इन्होंने अपना स्नातक पत्रकारिता...