मुंबई, गुजरात, केरल और हरियाणा में कोरोना का ग्राफ गिरने के बाद एक बार फिर तेजी से उठने लगा है। पिछले कुछ दिनों में ज्यादा संख्या में नए कोरोना संक्रमितों के मिलने से वहां कोरोना की दूसरी लहर की आशंका जताई जाने लगी है। यह लहर बिहार और पटना के लिए भी खतरे की घंटी है।

महाराष्ट्र, मुंबई, गुजरात, हरियाणा और केरल में यह दूसरी लहर तब से बढ़ रही है जब वहां लॉकडाउन संबंधी नियमों में कुछ छूट दी गई है। मुंबई में लोकल ट्रेनों के चलने और उसमें भारी भीड़ और यात्रियों द्वारा बरती जा रही लापरवाही को भी संक्रमण फैलने का कारण बताया जा रहा है।

एम्स पटना में कोरोना के नोडल पदाधिकारी डॉ. संजीव कुमार ने इस दूसरी लहर को बिहार के लिए चेतावनी बताया है। कहा कि अब अगर लापरवाही बरती गई और दूसरी लहर फैली तो यहां के निवासियों के लिए भारी पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि कोरोना की पहली लहर मुंबई, गुजरात, केरल से दिल्ली होते हुए बिहार में फैली थी। अब ट्रेन व यातायात के अन्य साधनों से बिहार उन प्रदेशों से सीधे जुड़ा है। ट्रेन अथवा हवाई जहाज में आनेवाले यात्रियों की अब कोरोना जांच भी नहीं हो रही है। ऐसे में वहां से कोई संक्रमित आया तो वह दूसरे में भी संक्रमण फैला सकता है।

पिछले एक महीने में गिरा है ग्राफ

बिहार और पटना में पिछले एक महीने से कोरोना संक्रमितों की संख्या में लगातार कमी आ रही है। अस्पतालों में भी संक्रमितों की संख्या कम हो रही है और कोविड वार्ड खाली होने लगे हैं। इससे लोगों में लापरवाही भी बढ़ती जा रही है। डॉ. संजीव ने कहा कि लोग इससे खुशफहमी के शिकार होने लगे हैं। लोग बाजारों में, सड़क पर, सिनेमा हॉल, कार्यालयों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन और मास्क लगाने में लापरवाही बरतने लगे हैं।

अब पटना में 100 में से 80 से ज्यादा लोग बाजारों में भीड़ वाले स्थलों पर बिना मास्क के मिल जाएंगे। यही नहीं शादी, बर्थडे व सरकारी मीटिंग और सेमिनारों में भी कोरोना गाइडलाइन का पालन न के बराबर किया जा रहा है। यह संक्रमण का बड़ा कारण बन सकता है। उन्होंने बताया कि अपनी आर्थिक राजधानी मुंबई समेत इंग्लैंड, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों के उदाहरण सामने हैं कि दूसरी लहर तेजी से लोगों को संक्रमित करती है। टीकाकरण अभियान पर भी इसका विपरित असर पड़ सकता है।

अस्पतालों में हाई अलर्ट पर कोविड वार्ड

पीएमसीएच के प्राचार्य डॉ. बीपी चौधरी ने बताया कि पीएमसीएच के कोविड वार्ड में पिछले कई दिनों से नए मरीज नहीं भर्ती हो रहे हैं। चार मरीज भर्ती हैं जो तेजी से स्वस्थ हो रहे हैं। उनका दूसरा सैंपल दो दिनों में लिया जाएगा। बताया कि मुंबई, गुजरात, केरल में कोरोना की दूसरी लहर को देखते हुए कोविड वार्ड को पूरी तरह से तैयार रखा गया है। मरीज नहीं रहने के बावजूद कोई कमी नहीं की जाएगी।  डॉ. संजीव कुमार, सिविल सर्जन डॉ. विभा कुमारी और पीएमसीएच के प्राचार्य डॉ. बीपी चौधरी ने बचाव के लिए लोगों से सावधानी बरतने की अपील की।

Input: Live Hindustan

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