सावन में घर-घर निशुल्क पहुंचाया जाएगा गंगाजल। कोरोना संकमण को देखते हुए यह निर्णय कुछ युवाओं ने लिया है। उद्देश्य है कि भोलेबाबा पर गंगा का जल अर्पित कर श्रद्धालु अपनी श्रद्धा निवेदित कर सकें। रामनगर के संदीप पटेल के नेतृत्व में 13 युवक पटना व बरौनी घाट से 10 हजार लीटर गंगाजल मंगाएंगे।

शहर के प्राचीन नर्मदेश्वर महादेव मंदिर परिसर पर स्टॉल लगाकर गंगाजल वितरण की तैयारी चल रही है। संदीप का कहना है कि बरौनी के सिमरिया घाट, पटना के कंगन घाट व दीघा घाट से पहली खेप के रूप में 1200 लीटर जल रामनगर मंगाया गया है। प्रति घर 200 मिलीलीटर की पैकिंग कर लोगों को सावन के पहले दिन से होम डिलीवरी की योजना है। क्षेत्र के कुल 50 हजार परिवारों तक गंगाजल पहुंचाने का लक्ष्य है। फोन पर बुकिंग की भी व्यवस्था होगी। इसमें करीब पचास हजार का खर्च आएगा जिसे युवाओं की टीम खुद वहन करेगी।
गंगाजल का विशेष महत्व : आचार्य पंडित डॉ. अशोक कुमार मिश्रा बताते हैं कि सावन में शिवङ्क्षलग पर गंगाजल अर्पित करने का विशेष महत्व है। ऐसा करने से मनुष्य के जीवन से विषरूपी कठिनाइयां दूर हो जाती हैं। आरोग्यता की प्राप्ति भी होती है।





