भारत-नेपाल को जोड़ती मुख्य सड़कों पर आवाजाही कम है। ज्यादा आबाद आजकल गांव-देहात से होकर दोनों देशों को जोड़ने वाले कच्चे-संकरे रास्ते हैं। कारण, नेपाल और भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमत में अंतर है, जो औसतन 21 से 24 रुपए के बीच है। नतीजतन नेपाल के पंपों की बिक्री बेहिसाब बढ़ गई है।

वहीं सीमाई क्षेत्रों में भारतीय इलाके के पंपों पर सन्नाटा पसरा है। तेल की तस्करी खुलेआम जारी है। एक ओर जहां नेपाली क्षेत्र में पंप की बिक्री में जबरदस्त इजाफा हुआ है वहीं भारतीय क्षेत्र में 70-90 फीसदी गिरावट देखी जा रही है। भारतीय ट्रक टैंक में न्यूनतम तेल लेकर नेपाल दाखिल होते हैं और वहां से पूरा भरवाकर वापस आते हैं। ये स्थिति तब है जब नेपाल को तेल भारत ही मुहैया कराता है।

जोगबनी से सटे रानी विराटनगर, बुद्धनगर भेरियाही, सुपौल से सटे भीमनगर, रक्सौल से सटे वीरगंज, सीतामढ़ी से सटे गौड़, मलंगवा… सब जगहों पर एक जैसा ही हाल है। नेपाल से रोज-आने जाने वालों के अलावा मैदानी क्षेत्रों व नहर-नाले होकर तस्करी की नीयत से भी लोग गैलन भर-भरकर भारतीय क्षेत्रों में खूब बेच रहे हैं।
नेपाली क्षेत्र के करीब 150 पंपों के इस खेल को समझें तो हर महीने यह करीब 36 करोड़ का है। नेपाल के पंपों पर बाइक वालों की लाइन तो है ही, कुछ मालवाहक ट्रक भी लगे हैं। माेटरसाइकिलों पर दूध ढाेनेवाले दाे-दाे केन लदे हैं। एक केन में पेट्राेल व दूसरे में डीजल। फिर माेटरसाइकिल की टंकी भी फुल। यही कारण है कि भारतीय सीमावर्ती क्षेत्रों में पेट्रोल-डीजल की बिक्री 1000 से 12000 लीटर तक कम हो गई है।

दोनों को फायदा : भारत को डॉलर मिलता है, नेपाल को सस्ता तेल
भारत खुद खरीदकर नेपाल को तेल क्यों देता है?
पुरानी संधि के मुताबिक इंडियन ऑयल काॅरपोरेशन ही नेपाल के लिए ईंधन खाड़ी देशों से मंगवाता है। नेपाल और भूटान दाे देश तेल के बदले डाॅलर में भारत काे भुगतान करते हैं।
नेपाल में तेल बिहार से जाता है?
नेपाल में तेल जाने के लिए भारत से लगते कई सीमावर्ती इलाके हैं। बिहार में डीजल बरौनी डिपो से पाइपलाइन से, जबकि पेट्रोल टैंकर से जाता है।
मुख्य रूट रक्सौल-वीरगंज है। इसके अलावा इलाहाबाद, गाेंडा, सिलीगुड़ी, बेतालपुर डिपाे से भी नेपाल काे टैंकर से तेल जाता है।
हम नेपाल को तेल देते हैं। फिर हमारा महंगा, उसका सस्ता कैसे?
भारत से नेपाल तेल रिफाइन होकर जाता है। रिफाइनरी शुल्क के अलावा आईओसी खरीद मूल्य पर ही नेपाल को तेल देता है। पूरे नेपाल में तेल पर सिर्फ एक ही टैक्स है। भारत में पहले केंद्र की 12% एक्साइज ड्यूटी, फिर बिहार में 26% स्पेशल वैट, 12% इंट्री टैक्स (कुल टैक्स करीब 48.50 रुपए) की वसूली हाेती है। प्रति लीटर 3 रुपए डीलर कमीशन है। इससे, बिहार में औसतन 95 रुपए लीटर पेट्राेल है।
नेपाल में टैक्स कम क्याें है?
नेपाल में जो एक टैक्स लगता है वह भारत की एक्साइज ड्यूटी से कम है। नेपाल ऑयल निगम काे भारत से पेट्राेल 58.29 नेपाली (36.43 भारतीय) रुपए और डीजल 59.03 नेपाली (36.89 भारतीय) रुपए में दी जाती है। वहीं नेपाल में पेट्राेल पर कुल सरकारी कर 54.69 नेपाली (34.18 भारतीय) रुपए है। वर्तमान में भारत नेपाल को प्रतिमाह 18 कराेड़ लीटर ईंधन की आपूर्ति कर रहा है।
2 किमी दूरी पर 22 रुपए सस्ता डीजल तो महंगा क्यों लेंगे?
बिहार में पेट्राेल की 95 रुपए लीटर है। भारतीय क्षेत्र से महज एक से 2 किलाेमीटर की दूरी पर स्थित नेपाल सीमा क्षेत्र में पेट्राेल 23.55 रुपए व डीजल 21.98 रुपए सस्ता है। नेपाल में शनिवार को पेट्रोल 114 रुपए नेपाली (71.56 भारतीय) तथा डीजल 98.50 (61.25 भारतीय) रुपए नेपाली था।
सीमावर्ती क्षेत्रों के लाेग एकसुर में कहते हैं कि जब पड़ोस में सस्ता तो हम महंगा पेट्रोल डीजल क्यों लेंगे? पिछले दिनों दोनों तरफ कुछ तस्कर पकड़े भी गए हैं। भारतीय क्षेत्र में इस कारोबार से जुड़े लोगों ने प्रशासन से मिलकर गुहार लगाई है। लिहाजा, इंडो नेपाल बॉर्डर के पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुुबनी, अररिया के नेपाल सीमा से सटे गांव के करीब 150 पेट्राेल पंपाें से राेजाना करीब 4 लाख लीटर नेपाली ईंधन बिहार की गाड़ियों में भरी जा रही है।
Input: Dainik Bhaskar






