अभिनेता सोनू सूद की मदद से किर्गिस्तान में फंसे 135 छात्र गुरुवार की शाम अपने वतन पहुंच गए।सोनू सूद ने इन छात्रों के लिए विशेष विमान का इंतजाम किया था। महीनों बाद अपने घर पहुंचने की खुशी इनके चेहरों से साफ झलक रही थी। हर कोई सोनू सूद की तारीफों के पुल बांध रहा था। ज्यादातर लोगों के हाथों में पहले से सोनू सूद की तस्वीरें भी थीं। पहले यह विमान बुधवार को आना था लेकिन मौसम की खराबी के कारण पूरे एक दिन की देरी से गुरुवार की शाम पहुंचा।
Feeling so happy that the first flight from Kyrgyzstan to Varanasi took off today. All thanks to @flyspicejet for making my mission successful. The second flight from Kyrgyzstan to Vizag will fly Tom 24th July. Would request students to send your details asap. Jai hind 🇮🇳 pic.twitter.com/sA4JSONXWE
— sonu sood (@SonuSood) July 23, 2020
उत्तर प्रदेश, बिहार समेत भारत के कई राज्यों के छात्र मेडिकल की पढ़ाई करने किर्गिस्तान में स्थित एशियन मेडिकल इंस्टीट्यूट में जाते हैं। कोरोना संक्रमण में लॉकडाउन के चलते अंतरराष्ट्रीय विमान सेवाएं बंद होने से मेडिकल के यह छात्र किर्गिस्तान में फंसे हुए थे। इनमें काफी संख्या यूपी बिहार के छात्रों की थी। वहां छात्रों को तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। इसको लेकर छात्रों ने ट्वीट करने के साथ वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर कर मदद मांगी थी।

लॉकडाउन में हजारों प्रवासियों के लिए भगवान बन चुके सोनू सूद इन लोगों की मदद के लिए भी आगे आए। सोनू ने छात्रों को अपने वतन वापस बुलाने के लिए स्पाइसजेट एयरलाइंस का विमान बुक कराया। तय शेड्यूल के अनुसार विशेष विमान किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक स्थित मानस इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचा। 135 छात्रों को लेकर गुरुवार की शाम 3.50 पर विमान ने उड़ान भरी और रात 9.40 पर वाराणसी के बाबतपुर एयरपोर्ट पहुंचा।

एयरपोर्ट पर सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन कराते हुए विमान से 10-10 की संख्या में छात्रों को उतारा गया। विशेष मेडिकल टीम ने सभी की जांच की और उसके बाद बाहर आने की इजाजत मिली।सरकार की गाइडलाइन के अनुसार सभी छात्रों से फार्म भी भरवाया गया और होम क्वारंटीन का निर्देश दिया गया।
अपने वतन पहुंचे हर छात्र की जबां पर केवल सोनू सूद का नाम था। उनकी तारीफ करते कोई नहीं थक रहा था। छात्रों ने कहा कि सोनू हमारे लिए भगवान जैसे हैं। उनकी वजह से आज अपने वतन वापस पहुंच सके हैं।
Input : Live Hindustan








