बेगूसराय:काया कल्प योजना के तहत सरकार द्वारा घोषित सूबे के नंबर वन सदर अस्पताल में चिकित्सकों ने 9 बजे सुबह लेट नहीं 12.30 के बाद भेंट नहीं का फंडा अपना लिया है। जिस कारण मरीजों को चिकित्सक का ना सिर्फ इंतजार करना पड़ता है बल्कि कभी कभी तो उनका नंबर आए बिना देर से आए चिकित्सक समय से पहले ही ओपीडी से बाहर निकल कर अपने प्राइवेट क्लिनिक में पहुंच जाते हैं। कहने को तो चिकित्सकों को सुबह 8 से 2 तक ओपीडी में मरीजों को देखना है, लेकिन अधिकारी के बदलते ही कैसे व्यवस्था बदल जाती है इसका उदाहरण आजकल सदर अस्पताल में देखने को मिल रहा है।

सुबह 8.37 मिनट पर ओपीडी के रूम नंबर 6 में नव पदस्थापित चिकित्सक डॉ खालिद मुशर्रफ को छोड़कर एक भी चिकित्सक अपने कक्ष में मरीज को देखते नहीं पाए गए। वहीं आज से 20 दिन पहले तक ओपीडी से लेकर पूरे अस्पताल की व्यवस्था चकाचक रहती थी। दैनिक भास्कर की टीम ने सोमवार को सदर अस्पताल के विभिन्न वार्डों एवं चिकित्सक कक्ष का एक-एक कर निरीक्षण किया तो लेट लतीफ चिकित्सकों के कारण सदर

अस्पताल में मरीजों भीड़ सदर अस्पताल में चिकित्सकों का इंतजार करती दिखी। सिंघौल निवासी मो बादशाह ने कहा कि वे बेटे अहबाब को दिखाने आए है। उनके बेटे को छिपकली ने ओठ में काट लिया है। वहीं फतेहपुर से आए वृद्ध बुद्दन साव ने कहा कि उनके कमर में दर्द है। दोनों एक घंटे से चिकित्सक का इंतजार कर रहे हैं।

ये हाल है सदर अस्पताल का

निरीक्षण के दौरान 8ः37 बजे रूम नंबर 3 स्त्री रोग विभाग, रूम नंबर 9 के शिशु रोग विभाग, रूम संख्या 7 वाह्य विभाग, रूम संख्या 8 दंत रोग विभाग, रूम संख्या 13 के हड्डी एवं नस विभाग, रूम संख्या 20 में ईएनटी एवं नेत्र रोग विशेषज्ञ सभी के सभी चिकित्सक गायब थे। इस दौरान शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. कृष्ण कुमार एवं डॉ. अरुण कुमार 8.53 मिनट पर अस्पताल अधीक्षक कार्यालय में हस्ताक्षर करने के लिए पहुंचे। इसके साथ ही दंत रोग विभाग में डॉ. भारती भूषण 9ः15 पहुंची। वहीं रूम संख्या 13 में डॉ. ब्रजेश कुमार 9.31 में पहुंचे। इसके साथ ही 9.31 डॉ. राजू अपने वाहन से अधीक्षक कार्यालय के समीप उतरे और हाजरी बनाने गए।

12.10 से निकलने लगे चिकित्सक

चिकित्सकों के आने जाने के समय पर नजर रखने पर देखा गया कि 12.10 मिनट पर डॉ. कामिनी की गाड़ी सदर अस्पताल पहुंची और ओपीडी से निकल गई। जबकि 12.24 मिनट पर डॉ. पूनम कुमारी, 12.36 में डॉ. विनोद कुमार शर्मा, एक बजे डॉ. एसके झा अपनी-अपनी गाड़ी से चलते बने। इस दौरान 1.17 मिनट पर नाक, कान, गला रोग विशेषज्ञ डॉ. अदिति अपने कक्ष से निकल कर दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. भारती भूषण के कक्ष में आकर बैठ गईं। वहीं सर्जन डॉ. अखिलेश कुमार 1.18 में अस्पताल से चले गए और 1.41 में पुनः सदर अस्पताल पहुंचे।

Input: dainik jagran

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