Connect with us

SPORTS

उम्र 13 साल, चार मैच, 1000 से ज्यादा रन

Published

on

इंदौर। क्रिकेट के भगवान पुकारे जाने वाले सचिन तेंदुलकर की चमक दुनिया ने करीब 33 साल पहले तब देखी थी जब उन्होंने 14 साल की उम्र में नाबाद 326 रनों की पारी खेली थी और विनोद कांबली (349 नाबाद) के साथ 664 रनों की साझेदारी की थी। तब सचिन ने सिर्फ एक तिहरा शतक लगाया था, लेकिन मध्य प्रदेश के चंबल संभाग के 13 साल के यशवर्धन चौहान के बल्ले से लगातार ऐसी पारियां फूट रही हैं। रविवार को उन्होंने इंदौर संभाग के खिलाफ 391 रन बनाए। इसके पहले वे 425 और 235 रनों की पारियां भी खेल चुके हैं। साथ ही गेंद से भी कमाल दिखाते हुए हैट्रिक ली।

चंबल का नाम सुनते ही आंखों के सामने बीहड़ के दृश्य अनायास ही आ जाते हैं। बंदूक लिए बागियों के इस इलाके से अब हाथों में बल्ला लिए एक बच्चा नाम कमा रहा है। मध्य प्रदेश क्रिकेट संगठन (एमपीसीए) द्वारा आयोजित एडब्ल्यू कनमड़ीकर ट्राफी (अंडर-13) में यशवर्धन लगातार बड़ी पारियां खेल रहे हैं। कम उम्र में विकेट पर टिककर दो दिनों तक बल्लेबाजी करते हैं। रविवार को इंदौर संभाग जैसी मजबूत टीम के खिलाफ 391 रनों की पारी खेलने के बाद गेंदबाजी करते हुए छह विकेट लिए। इसमें हैट्रिक शामिल है।

Advertisement

bombay-gym

मैदान पर बीतता है अधिकांश समय

विशेष चर्चा में यशवर्धन चौहान ने कहा- मैं रोज साढ़े तीन घंटे फिटनेस के लिए देता हू। इस कारण लगातार दो दिन तक बल्लेबाजी करते हुए भी थकान महसूस नहीं होती। मैं दिन में अधिकांश समय क्रिकेट का ही अभ्यास करता हूं। फिटनेस के बाद फील्डिंग और फिर बल्लेबाजी व गेंदबाजी का अभ्यास करता हूं। दाएं हाथ से आफ ब्रेक गेंदबाजी करने वाले यशवर्धन अब तक टूर्नामेंट में चार मैचों में 13 विकेट ले चुके हैं।

Advertisement

अब तक चार मैचों में 1098 रन बना चुके हैं। इसमें 200 से ज्यादा चौके हैं। मगर छक्का एक भी नहीं है। इतने रन किसी बल्लेबाज ने इस टूर्नामेंट में नहीं बनाए। इस बारे में यशवर्धन ने बताया मैं जब क्रीज पर पहुंचता हूं तो सोचता हूं कि 100 रन सिर्फ सिंगल या डबल से बनाना हैं। चौका लगाने की तुलना में छक्का मारने में सिर्फ दो रन ज्यादा मिलते हैं और आउट होने का जोखिम होता है। मैं अपने विकेट की कीमत समझता हूं। इसलिए मैदानी शाट खेलकर चौके लगाता हूं।

बेहद अनुशासित खिलाड़ी

Advertisement

कोच नावेद खान के अनुसार यशवर्धन बेहद अनुशासित हैं। अभ्यास के लिए समय पर मैदान पहुंचता है। कोई भी मौसम हो, वह अभ्यास नहीं छोड़ता। यदि बारिश में मैदान पर नहीं आ पाता तो फिटनेस पर वक्त बिताता है। इनका परिवार मूलत: भिंड जिले का है और वर्तमान में ग्वालियर में निवास करता है। कोरोनाकाल के पहले भी यशवर्धन इस टूर्नामेंट में खेले थे, लेकिन तब ऐसी सफलता नहीं मिली थी। इसके बाद उसने गलतियों में सुधार किया।

Source : Naidunia

Advertisement

umanag-utsav-banquet-hall-in-muzaffarpur-bihar

clat

Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.

SPORTS

दिग्गज अंपायर रुडी कोएर्टजन की कार दुर्घटना में मौत, क्रिकेट जगत में शोक की लहर

Published

on

दक्षिण अफ्रीका के पूर्व अंपायर रुडी कोएर्टजन का कार दुर्घटना में मौत गई. कोएर्टजन 73 वर्ष के थे. आईसीसी एलीट पैनल के इस महान अंपायर की कार सामने से आ रही दूसरे वाहन से टकरा गई. इस दुर्घटना में रुडी कोएर्टजन सहित तीन अन्य लोगों की भी मौत हो गई. इस पूर्व दक्षिण अफ्रीकी अंपायर ने दिसंबर 1992 से लेकर जुलाई 2019 तक इंटरनेशनल क्रिकेट में अंपायरिंग की.

रुडी कोएर्टजन ने 108 टेस्ट और 209 वनडे इंटरनेशनल मैचों के साथ साथ 14 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में भी अंपायरिंग की. उन्होंने इस दौरान एक महिला टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में भी अंपायर की भूमिका निभाई. कोएर्टजन के बेटे ने बताया कि उनके पिता अपने दोस्तों के साथ गोल्फ टूर्नामेंट खेलने गए थे. वह सोमवार (9 अगस्त) को ही केप टाउन लौटने वाले थे.

Advertisement

टेस्ट मैचों में सबसे ज्यादा अंपायरिंग के मामले में कोएर्टजन तीसरे नंबर पर हैं. उनसे पहले इस लिस्ट में पाकिस्तान के अलीम डार और विंडीज के स्टीव बकनर हैं. रुडी कोएर्टजन के बेटे ने अलगोवा एफएम न्यूज से कहा, ‘ वह गोल्फ टूर्नामेंट के लिए अपने दोस्तों के साथ गए थे. वह सोमवार को ही लौटने वाले थे. लेकिन सभी ने अन्य राउंड में भी खेलने का फैसला लिया.’ कोएर्टजन के निधन की खबर से क्रिकेट जगत में शोक की लहर है.

रुडी कर्टजन ने 1992 में अंपारिंग की दुनिया में कदम रखा. तब भारतीय टीम दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर गई थी. उस सीरीज में पहली बार किसी खिलाड़ी को टीवी रिप्ले के जरिए रन आउट दिया गया था. कोएर्टजन साल 1997 में आईसीसी के फुल टाइम अंपायर बने. इसके बाद उन्हें 2002 में एलीट पैनल में जगह मिली. वह साल 2006 में इंग्लैंड के डेविड शेफर्ड के बाद 150 वनडे में अंपायरिंग करने वाले अंपायर बने थे.

Advertisement

Source : News18

umanag-utsav-banquet-hall-in-muzaffarpur-bihar

nps-builders

Genius-Classes

Advertisement
Continue Reading

SPORTS

कुश्ती में फिर बरसा सोना, भारत के नवीन ने पाकिस्तानी रेसलर को पटका, जीता गोल्ड

Published

on

भारतीय पहलवान नवीन ने पाकिस्तान के रेसलर ताहिर को हराकर कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत को 12वां गोल्ड दिलाया. 19 वर्षीय नवीन ने डेब्यू कॉमनवेल्थ गेम्स में सोना जीता. इसी के साथ राष्ट्रमंडल खेलों के इस बार भारत कुश्ती में 6 गोल्ड जीतने में सफल रहा. कॉमनवेल्थ गेम्स में यह भारत की कुश्ती में रिकॉर्ड है. इससे पहले भारत ने कभी इतने गोल्ड मेडल नहीं जीते थे. भारत की पदकों की संख्या अब 34 पहुंच गई है. भारत पदक तालिका में पांचवें स्थान पर है. इससे पहले शनिवार को विनेश फोगाट और रवि दहिया ने भी कुश्ती में गोल्ड जीता जबकि पूजा गेहलोत व पूजा सिहाग को ब्रॉन्ज मेडल मिला.

इससे पहले शनिवार को रवि कुमार दहिया ने गोल्ड जीता. टोक्यो ओलंपिक के सिल्वर मेडलिस्ट रवि दहिया ने रेसलिंग में अपेक्षा के अनुरूप प्रदर्शन करते हुए भारत की झोली में गोल्ड मेडल डाला. दहिया ने पुरुषों के 57 किग्रा फाइनल में नाइजीरिया के एबिकेवेनिमो वेल्सन को तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर 10-0 से हराया. इससे पहले उन्होंने न्यूजीलैंड के सूरज सिंह और पाकिस्तान के असद अली को तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर हराया था.

Advertisement

महिलाओं के 50 किलो वर्ग में पूजा गेहलोत ने स्कॉटलैंड की क्रिस्टेले एल को ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर 12-2 से हराया. पहले मैच में इसी प्रतिद्वंद्वी को हराने के बाद कैमरन की रेबेका एंडोलो मुआम्बो पर वाकओवर मिला था. सेमीफाइनल में हालांकि वह कनाडा की मेडिसन बियांका पार्क्स से हार गई थी.

वहीं, भारत की स्टार महिला पहलवान विनेश फोगाट ने बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल लाया. टोक्यो ओलंपिक की नाकामी, अतीत के मानसिक और शारीरिक संघर्षों को पीछे छोड़कर विनेश ने महिलाओं के 53 किग्रा वर्ग में चंद सेकंड में ही श्रीलंका की चामोडिया केशानी मदुरावलागे डॉन को चित करके 4-0 से जीत दर्ज की. कॉमनवेल्थ गेम्स में विनेश का यह लगातार तीसरा गोल्ड मेडल है. इससे पहले विनेश ने साल 2014 और 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स में भी स्वर्ण पर कब्जा जमाया था.

Advertisement

Source : News18

umanag-utsav-banquet-hall-in-muzaffarpur-bihar

nps-builders

Genius-Classes

Advertisement
Continue Reading

SPORTS

हरमनप्रीत कौर एंड कंपनी GOLD से एक जीत दूर, रोमांचक मुकाबले में इंग्लैंड को दी पटखनी

Published

on

भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2022  में महिला क्रिकेट प्रतियोगिता के फाइनल में प्रवेश कर लिया है. भारत ने सेमीफाइनल में इंग्लैंड  को 4 रन से हराया. हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली टीम इंडिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 5 विकेट के नुकसान पर 164 रन बनाए. जवाब में मेजबान इंग्लैंड की टीम 6 विकेट पर 160 रन ही बना सकी. कॉमनवेल्थ गेम्स में पहली बार महिला क्रिकेट को शामिल किया गया है. ऐसे में टीम इंडिया गोल्ड मेडल से अब सिर्फ एक जीत दूर है.

स्मृति मंधाना ने जड़ा सबसे तेज अर्धशतक

Advertisement

स्मृति मंधाना  के 32 गेंद में तीन छक्के और आठ चौके जड़ित 61 रन के अलावा जेमिमा रॉड्रिग्स  की नाबाद 44 रन की उपयोगी पारी की बदौलत भारत ने 5 विकेट पर 164 रन का स्कोर खड़ा किया. मंधाना की पावरप्ले में खेली गई आक्रामक पारी ने इस स्कोर की नींव रखी जबकि रॉड्रिग्स (सात चौके) ने 31 गेंद की नाबाद पारी ने इसे बढ़ाने में मदद की. मंधाना ने इस दौरान महिला क्रिकेट में टी20 अंतरराष्ट्रीय में सबसे तेज अर्धशतक भी जड़ दिया जिसके लिए उन्होंने केवल 23 गेंद खेली.

दीप्ति औ जेमिमा ने चौथे विकेट पर 53 रन जोड़े

Advertisement

दीप्ति शर्मा ने 20 गेंद में 22 रन का योगदान दिया. हालांकि भारत ने पावरप्ले के छह ओवर में 64 रन बना लिए थे जिसे देखकर लगता है कि उनके स्कोर में 15 रन कम रह गए. भारतीय पारी में पावरप्ले के बाद के 14 ओवरों में 100 रन जुड़े क्योंकि टीम ने मध्य ओवरों में लगातार तीन विकेट गंवाकर लय खो दी थी. रॉड्रिग्स और दीप्ति ने चौथे विकेट के लिए 53 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी निभाई.

मंधाना और शेफाली ने पहले विकेट के लिए 76 रन की साझेदारी की

Advertisement

महिलाओं के क्रिकेट में मंधाना के ड्राइव शॉट देखने लायक होते हैं. उनके साथ शेफाली वर्मा (15 गेंद में 17 रन) जब बिना आक्रामकता के खेल रही हों तो आंखों पर विश्वास ही नहीं होता. इन दोनों ने 7.5 ओवर में 76 रन की साझेदारी निभाई. मंधाना ने कैथरीन ब्रंट पर कवर ड्राइव लगाए जबकि नैट स्किवर, इस्सी वोंग और स्पिनर सारा ग्लेन पर छक्के जमाए. इस तरह उन्हाोंने महज 23 गेंद में अर्धशतक पूरा किया. स्किवर के मंधाना को आउट करते ही रन गति कम हो गई जिसमें कप्तान हरमनप्रीत कौर ने एक चौके और एक छक्के के बावजूद कई डॉट गेंद खेली जिससे उन्होंने 20 गेंद में इतने ही रन बनाए.

Source : News18

Advertisement

umanag-utsav-banquet-hall-in-muzaffarpur-bihar

nps-builders

Genius-Classes

Continue Reading
BIHAR2 hours ago

‘लालू बिन चालू ए बिहार न होई…’, बीजेपी-जेडीयू के ब्रेकअप पर लालू यादव की बेटी के तंज भरे ट्वीट

BIHAR2 hours ago

बिहार में फिर बनेगी चाचा-भतीजे की सरकार, आज नीतीश-तेजस्वी लेंगे शपथ

INDIA2 hours ago

सैनिक ने हाथ पर लिखा, तेरी मौत की खबर नहीं सुन सकता, मैं आ रहा हूं, फिर खुद को मार ली गोली

BIHAR6 hours ago

बिहार के झटके को अवसर के रूप में देख रही भाजपा, खुलकर उतरने का मिलेगा मौका

BIHAR7 hours ago

गठबंधन टूटते ही विपक्षी रंग में बीजेपी, रविशंकर ने नीतीश से पूछे तीन सवाल

BIHAR8 hours ago

‘प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं पलटू राम’, नीतीश के भाजपा से गठबंधन तोड़ने पर बरसे गिरिराज सिंह

BIHAR8 hours ago

कल दोपहर 2 बजे नीतीश कुमार का शपथ ग्रहण, JDU-RJD समेत 7 पार्टियों की बनेगी सरकार

BIHAR8 hours ago

तेज प्रताप यादव ने बिहार की जनता को ट्वीट कर दिया धन्यवाद

SPORTS9 hours ago

दिग्गज अंपायर रुडी कोएर्टजन की कार दुर्घटना में मौत, क्रिकेट जगत में शोक की लहर

BIHAR10 hours ago

मुजफ्फरपुर जिले में दाखिल-खारिज के 47,482 मामले लंबित, डीएम ने जताई नाराजगी

BIHAR4 weeks ago

बिहार दारोगा रिजल्ट : छोटी सी दुकान चलाने वाले सख्स की दो बेटियाँ एक साथ बनी दारोगा

job-alert
BIHAR2 weeks ago

बिहार: मैट्रिक व इंटर पास महिलाएं हो जाएं तैयार, जल्द होगी 30 हजार कोऑर्डिनेटर की बहाली

INDIA4 weeks ago

प्यार के आगे धर्म की दीवार टूटी, हिंदू लड़के से मुस्लिम लड़की ने मंदिर में की शादी

BIHAR3 weeks ago

बिहार में तेल कंपनियों ने जारी की पेट्रोल-डीजल की नई दरें

BIHAR6 days ago

बीपीएससी 66वीं रिजल्ट : वैशाली के सुधीर बने टॉपर ; टॉप 10 में मुजफ्फरपुर के आयुष भी शामिल

BIHAR4 days ago

एक साल में चार नौकरी, फिर शादी के 30वें दिन ही BPSC क्लियर कर गई बहू

BUSINESS6 days ago

पैसों की जरूरत हो तो लोन की जगह लें ये सुविधा; होगा बड़ा फायदा

BIHAR3 days ago

ग्राहक बन रेड लाइट एरिया में पहुंची पुलिस, मिली कॉलेज की लड़किया

BIHAR3 weeks ago

बिहार : अब शिकायत करें, 3 से 30 दिनों के भीतर सड़क की मरम्मत हाेगी

INDIA1 week ago

बुढ़ापे का सहारा है यह योजना, हर दिन लगाएं बस 50 रुपये और जुटाएं ₹35 लाख फंड

Trending