मधेपुरा. कोरोना वैक्सीन की 12 डोज लेने वाले 84 वर्षीय ब्रह्मदेव मंडल को अब बार-बार वैक्सीन लेने की आदत महंगी पड़ती दिख रही है. दरअसल मीडिया में बुजुर्ग ब्रह्मदेव मंडल के 12 बार कोरोना वैक्सीन लेने की खबर आने के बाद आननफानन में पुरैनी पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने उनके ऊपर धारा 420 के तहत मुकदमा दर्ज कराया है, जिसके बाद पुलिस उनकी गिरफ्तारी में जुट गयी है. मिली जानकारी के अनुसार बीती रात पुरैनी थाना की पुलिस ने ब्रम्हदेव मंडल के औराय स्थित घर पर छापेमारी की, लेकिन वह घर में नहीं मिले जिसके बाद पुलिस खाली हाथ लौट गई.

बता दें, 12 बार कोरोना वैक्सीन लेने के बाद सुर्खियों में आए ब्रह्मदेव मंडल को लेकर स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा है. इसे स्वास्थ्य विभाग की भी बड़ी लापरवाही मानी जा रही है कि आखिर बिना जांच किए कैसे एक व्यक्ति को बार-बार कोरोना वैक्सीन की डोज लगाई गयी. इसी वजह से अब इस मामले में कार्रवाई शुरू हो गयी है. हालांकि कार्रवाई स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों पर भी होने की मांग उठ रही है.

इन धाराओं के तहत दर्ज हुआ मामला
जानकारी के अनुसार बीते 8 जनवरी को पुरैनी पीएचसी प्रभारी ने पुरैनी थाना में ब्रह्मदेव मंडल पर मुकदमा दर्ज कराया था. जिला स्तर पर भी जांच के लिए पहले से ही तीन सदस्यीय जांच कमिटी बनायी गयी थी. पीएचसी प्रभारी द्वारा दर्ज एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि ब्रह्मदेव मंडल ने 13 फरवरी 2021 से 4 जनवरी 2022 के बीच अलग-अलग तिथि पर कई जगहों पर विभिन्न पहचान पत्र और मोबाइल नंबर पर कोरोना वैक्सीन के करीब 12 डोज लिए हैं. उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों को गुमराह करते हुए कोरोना वैक्सीनेशन नियमों को तोड़कर दो से अधिक वैक्सीन लिया है. पुरैनी पीएचसी प्रभारी के इन आरोपों पर पुरैनी थाना में आईपीसी की धारा 419/ 420 और 188 के तहत मामला दर्ज कराया था, जिसके बाद बीती रात ब्रह्मदेव मंडल के घर पर पुलिस ने छापेमारी की.

‘पुलिस कर रही अपराधियों जैसा सलूक’
इधर ब्रह्मदेव मंडल की पत्नी निर्मला देवी ने बताया कि पुलिस बीती रात अपराधियों को पकड़ने वाले स्टाइल में घर में घुसी. दरवाजे का टाट तोड़ दिया, घर के भीतर बंद दरवाजे का कुंडी भी तोड़ डाली और पूरी रात घर की तलाशी ली. उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्रवाई से हम सब डर गए हैं. वहीं रात की घटना पर आसपास के लोगों ने भी पुलिस पर निशाना साधा है. लोगों ने बताया कि जिस तरह से पुलिस ने रात में छापेमारी की है वह कहीं से भी सही नहीं है, ब्रह्मदेव मंडल कोई अपराधी नहीं है.

पत्नी ने भी किया दावों का समर्थन
ब्रह्मदेव मंडल के दावे का उनकी पत्नी निर्मला देवी ने भी समर्थन किया है. उसने बताया कि बाबा पहले दर्द से काफी परेशान थे. कहां-कहां नहीं इलाज कराए, लेकिन जब वैक्सीन लिया तो उन्हें दर्द से राहत मिली. वे सीधे चलने लगे जिसके बाद वे और भी सुई लगवाने लगे. वे तो सिर्फ अपने फायदे के लिए सुई लगवाते थे, उन्हें यह पता नहीं था कि इसका इतना नुकसान होगा.

वैक्सीनेशन प्रक्रिया पर भी उठे सवाल
बहरहाल बाबा ने तो सुई अपने फायदे के लिए लगवाया लेकिन इसने वैक्सीनेशन प्रक्रिया पर भी सवाल खड़ा कर दिया. अब इस एफआईआर से 84 वर्षीय ब्रह्मदेव मंडल और उनका पूरा परिवार परेशानी में पड़ गया है, जिस वजह से गिरफ़्तारी के डर से वे भागे-भागे फिर रहे हैं. अब देखना दिलचस्प होगा कि मधेपुरा पुलिस इस मामले में क्या करती है?
Source : News18



