कटिहार. बिहार के भ्रष्ट धनकुबेर अधिकारी के ठिकानों पर छापेमारी की कड़ी की एक लड़ी कटिहार से भी जुड़ी हुई है. बीते 26 नवंबर को निगरानी की विशेष टीम ने बिहार के कई जगह के साथ साथ कटिहार में खनन मंत्री जनक राम के ओएसडी मृत्युंजय कुमार के भाई धनंजय कुमार और उनके महिला मित्र रत्ना चटर्जी के ठिकानों पर भी छापेमारी की थी. सहायक थाना क्षेत्र के ऑफिसर कॉलोनी स्थित इस दो ठिकानों में छापेमारी के दौरान रत्ना चटर्जी के घर से 30 लाख नगद, 50 लाख के जेवर और सोने की बिस्किट भी बरामद हए. सबसे बड़ी चर्चा ओएसडी मृत्युंजय कुमार और उनके महिला मित्र रत्ना चटर्जी के दोस्ती को लेकर भी है. सवाल यही है कि इन मृत्युंजय कुमार की महिला मित्र रत्ना चटर्जी की दोस्ती की शुरुआत कब कहां से हुई और इसकी गहराई कितनी है? सवाल रत्ना चटर्जी के उस अलमीरा को लेकर भी है जिसके बारे में कहा जा रहा है कि इसके खुलने पर बहुत बड़ा भूचाल आ सकता है.

इस रिश्ते को पहले से जानने वाले कटिहार के राजनीतिक कार्यकर्ता वर्तमान में भाजपा जिला उपाध्यक्ष बलराम साह कहते हैं कि इन दोनों की दोस्ती फलका प्रखंड से शुरू हुई थी. साल 2002-03 में मृत्युंजय कुमार फलका प्रखंड में अंचल अधिकारी के साथ बालविकास पदाधिकारी के अतिरिक्त पद पर तैनात थे. जबकि, रत्ना चटर्जी उसी समय फलका प्रखंड में बाल विकास विकास में सुपर वाइजर के पद पर तैनात थीं.

बड़ी बात यह है कि छापेमारी के दौरान रत्ना चटर्जी के आवास में एक अलमीरा से कई दस्तावेज मिला है जो मंत्री के ओएसडी मृत्युंजय कुमार से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है. ये सारे दस्तावेज आने वाले दिनों में इस मामले पर और कई राज खोल सकते हैं.
इस मामले में बिहार के डिप्टी सीएम तार किशोर प्रसाद ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार करप्शन के मामले में जीरो टॉलरेंस नीति रखते हैं. इसीलिए कोई भी भ्रष्टाचार का मामला हो उसे किसी भी तरह बख्शा नहीं जाएगा. जहां तक इस मामले का सवाल है इस मामले पर भी लगातार जांच हो रही है.
Source : News18
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