पटना के दीघा और सारण के सोनपुर के बीच जेपी सेतु के समानांतर प्रस्तावित पुल अब चार लेन की जगह छह लेन का बनेगा। गुरुवार को सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रलय के महानिदेशक तथा पथ निर्माण विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत के बीच हुई बैठक में इस आशय के प्रस्ताव पर सहमति बनी। पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने जेपी सेतु के समानांतर बनने वाले पुल को ले हुए इस निर्णय की जानकारी दी।

पथ निर्माण मंत्री ने बताया कि नए पुल के निर्माण को ले बिहार राज्य पुल निर्माण निगम ने डीपीआर बनाया है। इसकी स्वीकृति को ले सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रलय तथा एनएचएआइ के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में गुरुवार को विभाग के अपर मुख्य सचिव की वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक हुई। तय हुआ कि पुल को अब छह लेन का बनाया जाएगा। इसका वायाडक्ट भी केंद्र की खर्च पर बनेगा। पुल के निर्माण में सौ मीटर से लंबे स्पैन के निर्माण के लिए उन्नत तकनीक के अल्ट्रा हाई परफार्मेस कंक्रीट का उपयोग किया जाएगा। इससे परियोजना की लागत घटेगी। इस पुल के निर्माण के लिए होने वाले जमीन अधिग्रहण का काम राज्य सरकार अपने संसाधन से करेगी।

सड़क परिवहन राजमार्ग मंत्रलय व पथ निर्माण विभाग के अपर मुख्य सचिव के साथ हुई बैठक में हुआ फैसला, भविष्य में यातायात को ध्यान में रख हुआ निर्णय
पटना से उत्तर-पश्चिम बिहार के जिलों की होगी सीधी संपर्कता, बढ़ेगी रफ्तार
पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने कहा कि पटना से बेतिया तक की सड़क को पूर्व में ही एनएच 139 डब्ल्यू के रूप में घोषित किया गया है। यह छह लेन का पुल उक्त नए नेशनल हाइवे (एनएच) के एलायनमेंट का हिस्सा होगा। इससे पटना को उत्तर-पश्चिम बिहार जैसे सोनपुर, वैशाली, केसरिया, रामपुर, खजुरिया व अरेराज होते हुए वाल्मीकिनगर की सीधी संपर्कता मिलेगी। इस संबंध में पथ निर्माण मंत्री ने बताया कि इसके अतिरिक्त एनएच-131 ए यानी अमदाबाद- मनिहारी खंड के विकास के लिए 335 करोड़ रुपए की लागत से दो लेन सड़क बनाए जाने को ले स्थायी वित्त समिति ने स्वीकृति प्रदान की है। नए पुल के बनने से लोगों को आवागमन में काफी सहूलियत होगी।
Source : Dainik Jagran





