इंटरनेट मीडिया ने जितना काम आसान किया है, उतनी ही लोगों की परेशानियां भी बढ़ाई हैं। हाल के दिनों में महिला विकास निगम और महिला हेल्प लाइन में साइबर बुलिंग से जुड़े काफी मामले आ रहे हैं। साइबर बुलिंग इलेक्ट्रानिक माध्यम से लोगों को परेशान करना है। इसमें चिढ़ाना और लोगों का मजाक बनाना शामिल है। इसमें अफवाह फैलाना और अपत्तिजनक चीजें भेजना शामिल है। अधिकारियों के अनुसार साइबर से जुड़े मामले जब भी आते है उनको साइबर सेल भेज कर न्याय दिलाने की कोशिश की जाती है।

The 10 Types of Cyberbullying - Blog
DEMO PIC

कालेज की लड़की की डाल दी गंदी साइट पर फोटो

कई पीड़ितों ने इसको लेकर शिकायत की है। एक पीड़िता ने अपने आवेदन में कहा है कि कुछ दिनों से उनके सोशल साइट पर अलग-अलग आइडी से गंदे मैसेज आ रहे है। इग्नोर करने के बाद लगातार वीडियो काल और आडियो काल कर परेशान किया जा रहा है। कालेज में पढ़ाई करने वाली छात्रा ने आवेदन में बताया कि उसकी एक लड़के से दोस्ती थी, कुछ दिनों तक दोनों की बातचीत भी हुई। लेकिन पढ़ाई में दिक्कत होने के कारण उसने लड़के से बात करना बंद कर दिया, जिससे लड़का बहुत परेशान हो गया। हेल्प लाइन में दिए आवेदन में उसने बताया कि लड़के ने उसकी कई फोटो पोर्न साइट पर डाल दी है। आवेदन मिलने के बाद मामले को सीधे साइबर सेल में भेज दिया गया।

वहीं हेल्प लाइन नंबर पर आवेदन देते हुए एक अन्य लड़की ने बताया कि किसी ने उसकी फेक आइडी बना ली है। अब वह दोस्त और रिश्तेदारों से पैसों की मांग कर रहा है। साथ ही फोटो भी गलत साइट पर डाल दी है। आवेदन मिलने के बाद महिला विकास निगम ने इसे सीधे पुलिस और साइबर सेल के पास भेज दिया है।

इन नंबरों पर कर सकते हैं काल

साइबर क्राइम से संबंधित शिकायत दर्ज कराने के लिए हेल्प लाइन नंबर 155260 पर काल कर सकते हैं।

वहीं साइबर सेल नंबर 0612-2216236 और पुलिस हेल्प लाइन नंबर 18603456999 पर भी काल कर अपनी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

अगर बुलिंग हो तो क्या करें

बिहार पुलिस आर्थिक अपराध इकाई के अधिकारियों ने बताया कि अगर कोई आनलाइन बुलिंग का शिकार हो रहा है तो उसे चाहिए कि वह इस बारे में तुरंत माता-पिता या पुलिस के पास शिकायत करे। इंटरनेट मीडिया पर कुछ भी पोस्ट करने से पहले दो बार जरूर सोचे। किसी भी मैसेज को भेजने से पहले जरूर सोचे की उससे किसी का अपमान तो नहीं होगा। वहीं महिला विकास निगम की एमडी हरजौत कौर ने बताया कि निगम द्वारा संचालित हेल्प लाइन नंबर पर महीने में साइबर बुलिंग से जुड़े चार से पांच केस आते है। जिसको बिना देरी किए साइबर सेल में ट्रांसफर कर दिया जाता है।

Source : Dainik Jagran

(मुजफ्फरपुर नाउ के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

Muzaffarpur Now – Bihar’s foremost media network, owned by Muzaffarpur Now Brandcom (OPC) PVT LTD

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *