इधर, रामनगर थाने के मंगुराहा गांव के हरिजन टोली में जहरीली शराब से नूर आलम खान व नरहिया टोला के सुखल मियां के आंखों की रोशनी चली गई। रविवार को डॉ. ऐश्यवर्या चौबे के नेतृत्व में मेडिकल टीम दोनों के घर पहुंची। दोनों ने पांच-छह दिनों से आंखों से नहीं दिखने की बात कही है। सुखल मियां ने बताया कि मैंने हरदिया गांव में बीते दिनों शराब पी थी। उसके बाद ही आंखों में परेशानी शुरू हुई। रामनगर के हरिनगर बेला गोला स्थित निजी अस्पताल में इलाज कराया था। लेकिन उसके बाद भी आंखों में परेशानी हो रही है। आंखों से कुछ भी देख पाने में असमर्थ हो गया हूं।

वहीं नूर आलम खान के परिजनों व ग्रामीणों ने बताया कि शराब पीने के बाद आंखों की रोशनी चली गई। उन्हें इलाज के लिए नेपाल के परवानीपुर ले जाया गया है। जांच के बावत डॉ.चौबे ने बताया कि मंगुराहा में नूर आलम व सुखल मियां के जहरीली शराब पीने के से आंख की रोशनी गायब होने के संबंध में ग्रामीणों व परिजनों ने जानकारी दी। जांच रिपोर्ट पीएचसी प्रभारी को भेजी जा रही है। वहां से आगे की कार्रवाई होगी। मेडिकल टीम लोगों से शराब से किसी भी तरह की दिक्कत होने पर जानकारी देने की अपील कर रही है।

बता दें कि पश्चिम चंपारण में जहरीली शराब कांड में 16 लोगों ने जान गंवा दी थी। लौरिया व रामनगर थाना क्षेत्र के 12 लोगों की मौत हो गई थी। तीन लोगों का इलाज निजी व सरकारी अस्पतालों में चल रहा है। अब दो नए मामले मिलने से क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति है।

मेडिकल टीम डोर टू डोर सर्वे कर रही है। एक-एक मामले व पीड़ित को ढूंढ़ा जा रहा है। बीमारों का इलाज किया जा रहा है। शराब मामले में जिलेभर में कार्रवाई की जा रही है। किसी को भी बख्सा नहीं जाएगा।
कुंदन कुमार, डीएम
Input: live hindustan





