हरिहरक्षेत्र सोनपुर मेला लगातार दूसरे वर्ष भी सरकारी स्तर पर नहीं लगाया जाएगा। मेले के आयोजन की आधिकारिक घोषणा नहीं हो सकी। हालांकि कार्तिक पूर्णिमा स्नान को ध्यान में रखते प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां जोरशोर से चल रही है। सारण और वैशाली जिला प्रशासन नारायणी तट के दोनों छोर पर कार्तिक पूर्णिमा ‘मोक्ष स्नान के लिए उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए वृहद पैमाने पर तैयारी में जुटा है। पिछले महीने की 30 तारीख को सोनपुर में अनुमंडल प्रशासन और मेला समिति के सदस्यों की बैठक हुई थी, जिसमें स्थानीय लोगों ने सरकारी स्तर पर मेला लगाने की मांग की थी, लेकिन मेला के लगने की घोषणा नहीं हुई।

सोनपुर मेला लगाए जाने के संबंध में सोनपुर एसडीओ सुनील कुमार ने बताया कि सरकारी स्तर पर सोनपुर मेला इस वर्ष भी नहीं लगाया जाएगा। हालांकि इस दौरान 19 नवंबर को होने वाले कार्तिक पूर्णिमा स्नान की तैयारी प्रशासन की ओर से की जा रही है। कार्तिक पूर्णिमा स्नान पर तीर्थयात्रियों की उमड़ने वाली भीड़ की संभावना को ध्यान में रखते हुए उनकी सुविधा, सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और विधि-व्यवस्था संधारण के मद्देनजर तैयारी की जा रही है। लगातार दो वर्षों से सोनपुर मेले के आयोजन को लेकर सरकार और प्रशासन की तरफ से उदासीनता बरतने का आरोप लगाते हुए नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष विनोद सम्राट ने कहा कि सरकार की मंशा मेला लगाने की नहीं है, क्योंकि कार्तिक पूर्णिमा में भी ऐतिहासिक भीड़ जुटती है। राज्य में अन्य आयोजन हो रहे हैं, लेकिन सोनपुर के प्रति सरकार संवेदनशील नहीं दिख रही।

पिछले दिन बैठक को लेकर मेला समिति के सदस्य रामविनोद सिंह, अनिल सिंह, जयप्रकाश सिंह, नगर पंचायत के अध्यक्ष अमजद हुसैन, सुरेश नारायण सिंह, लालबाबू राय, रामबालक सिंह, अधिवक्ता डा. नवल कुमार सिंह, निर्भय कुमार सिंह, धनुष कुटीर आश्रम के पुजारी बालक दास आदि ने एक स्वर से सरकारी स्तर पर मेला के आयोजन की मांग की थी और धरना-प्रदर्शन भी हुआ, लेकिन मेला नहीं लगा।

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