पटना. देश की राजधानी दिल्ली से बिहार की राजधानी पटना का सफर आने वाले दिनों में सिर्फ छह घंटे में पूरा होगा. फिलहाल दिल्ली से पटना का सफर 10 से 14 घंटे में पूरा होता है. लेकिन, अगर सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो 2023 तक लोग दिल्ली से पटना का सफर मात्र छह घंटे में पूरा कर लेंगे. दरअसल अगले दो वर्षों में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को पटना से जोड़ने की योजना है, जिसके बाद दिल्ली से पटना का सफर बहुत आसान हो जाएगा. मिली जानकारी के अनुसार बिहार में पटना-बक्सर फोरलेन और बक्सर-हैदरिया फोरलेन सड़क बनाने का काम 2023 तक पूरा कर लिया जाएगा, जिसके बाद लोगों को दिल्ली से बिहार आने में बड़ी सहूलियत होगी. बताया जाता है कि पटना-बक्सर फोरलेन और बक्सर-हैदरिया फोरलेन सड़क बनने के बाद पटना-आरा-बक्सर-भरौली- हैदरिया होते हुए पूर्वांचल एक्सप्रेसवे जरिये लखनऊ-आगरा-नोएडा और दिल्ली जाना काफी आसान हो जाएगा.

बता दें, बीते दिनों केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भी पश्चिम चंपारण के सांसद व बिहार बीजेपी के अध्यक्ष संजय जायसवाल के एक प्रश्न के उत्तर में कहा था कि अगले दो साल में यह काम पूरा हो जायेगा और दिल्ली से पटना छह घंटे में पहुंचा जा सकेगा. अब ऐसे में अगर सब कुछ ठीक रहा तो 2023 तक पटना-बक्सर फोरलेन और बक्सर-हैदरिया फोरलेन सड़क का निर्माण कर पूरा कर लिया जाएगा.

पटना-बक्सर फोरलेन का काम तेज
मिली जानकारी के अनुसार पटना-बक्सर फोरलेन सड़क का निर्माण कार्य तेजी से हो रहा है. करीब 125 किमी की लंबाई में बनने वाले इस सड़क को लेकर बीते दिनों बिहार के पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने भी कहा था कि पटना-बक्सर फोरलेन का निर्माण कार्य तेजी से हो रहा है. वहीं इसके साथ ही बक्सर-हैदरिया फोरलेन का काम भी जल्द ही शुरू होगा. यह करीब 17 किमी लंबाई वाली फोरलेन सड़क होगी. बताया जा रहा है कि अगले 2 सालों में दोनों सड़कों का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा, जिसके बाद दिल्ली से पटना आना आसान हो जाएगा.

बक्सर-हैदरिया के लिए बन रहा डीपीआर
मिली जानकारी के मुताबिक बक्सर-हैदरिया फोरलेन के लिए भी केंद्र सरकार से मंजूरी मिल चुकी है. करीब 17 किमी की लंबाई वाले इस फोरलेन सड़क के लिए डीपीआर बनाने का काम किया जा रहा है. डीपीआर तैयार होते ही अगले साल की शुरुआत में इसके लिए निर्माण कार्य शुरू किया जा सकता है.

बढ़ेगा व्यापार, लोगों को होगा फायदा
बता दें, इन दोनों सड़कों के निर्माण से बिहार को काफी लाभ मिलेगा. इसके पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से जुड़ने के बाद न सिर्फ दिल्ली से पटना का सफर आसान होगा, बल्कि राज्य में व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा. सड़क निर्माण से राज्य के विकास को गति मिलेगी और यहां के लोग सामाजिक और आर्थिक दोनों रूप से समृद्ध होंगे.

बिहार से जुड़ेंगे चार एक्स्प्रेसवे
बता दें, आने वाले कुछ वर्षों में बिहार से चार एक्सप्रेसवे जुड़ेंगे. दरअसल बिहार में चार एक्प्रेसवे बन रहा है. पहला एक्सप्रेसवे औरंगाबाद से जयनगर के बीच एक्सप्रेस-वे के निर्माण की प्रक्रिया चल रही है. दूसरा एक्सप्रेस-वे रक्सौल से पटना होते हुए कोलकाता तक का होगा. तीसरा एक्सप्रेस वे बक्सर से भागलपुर के बीच प्रस्तावित है. गोरखपुर से सिलीगुड़ी के बीच प्रस्तावित यह बिहार का चौथा एक्सप्रेस-वे होगा. इन चारों एक्सप्रेस वे से बिहार के 38 जिलों में से लगभग 28 जिले जुड़ेंगे. ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि बिहार के विकास की रफ्तार भी तेज होगी.
Source : News18
(मुजफ्फरपुर नाउ के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)



