मानसून की सक्रियता में आंशिक कमी आने से अधिकतम तापमान ऊपर चढ़ा है। ज्यादातर जिलों में उमस की स्थिति बनी हुई है। वातावरण में पहले से नमी मौजूद है। ऐसे में पारे का साथ पाकर बादल उग्र हो रहे हैं। इसी कारण राज्य के 11 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।

गुरुवार को भी तेज धूप की वजह से लोग दोपहर में परेशान रहे। हालांकि, गुरुवार को भी दक्षिण बिहार में एक-दो जगहों पर बारिश की स्थिति भी बनी रही। पिछले 24 घंटों में सबसे ज्यादा बारिश भभुआ में 50 मिमी, अधवारा और ठाकुरगंज में 30 मिमी, त्रिवेणी, इंद्रपुरी, चेनारी, सिसवन, चांद, मुसहरी और सरैया में 20 मिमी बारिश दर्ज की गई।

इधर मौसम विज्ञान केंद्र ने सूबे के 11 जिलों में 25 व 26 जून को वज्रपात और बारिश की चेतावनी जारी की है। साथ ही 28 जून को उत्तर बिहार के सभी जिलों के लिए ठनका और बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। जिन जिलों के लिए 25 व 26 जून को ठनका और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वे हैं सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, सहरसा, मधेपुरा, कटिहार, भागलपुर, मुंगेर, बांका, जमुई और खगड़िया। सीमांचल के इलाके में इन दो दिनों में एक दो जगहों पर भारी बारिश की स्थिति बन सकती है।

कैसा है अभी मौसमी सिस्टम

पिछले 24 घंटों में मानसून की गतिविधि में कमी आई है। पिछले 24 घंटों में दक्षिण पश्चिम और उसके सटे दक्षिण पूर्वी उत्तरप्रदेश की ओर बना चक्रवाती हवा का क्षेत्र अब झारखंड की ओर शिफ्ट कर गया है। इस चक्रवाती परिसंचरण से एक ट्रफ रेखा दक्षिण पश्चिम और इसके दक्षिण पूर्वी उत्तरप्रदेश तक फैली है। इसके प्रभाव से दक्षिण बिहार में कुछ जगहों पर वज्रपात के साथ बारिश की पूरी आशंका है। इसके प्रभाव से गुरुवार को गया, नवादा, कैमूर, रोहतास, अरवल और नालंदा में मेघ गर्जन और वज्रपात का तात्कालिक अलर्ट भी जारी किया गया।

Input: live hindustan

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