राज्य के पर्यटन स्थल भिक्षावृत्ति से मुक्त होंगे। इस लक्ष्य को जुलाई तक पूरा करने के लिए पयर्टन विभाग और समाज कल्याण विभाग संयुक्त रूप से काम करेंगे। भिक्षावृत्ति से मुक्ति में भी भिखारियों की ही मदद ली जाएगी। इसके लिए सभी जिलों में ऐसे लोगों की टीम तैयार की गई है, जो खुद पहले भिक्षावृत्ति से जुड़े हुए थे। इनको विभाग के द्वारा भिक्षावृत्ति से मुक्त कराया गया और प्रशिक्षण देकर तैयार किया गया है। अब यही लोग नुक्कड़ नाटक के माध्यम से पर्यटन केंद्रों पर अन्य भिखारियों को जागरूक करेंगे।

मुख्यमंत्री भिक्षावृत्ति उन्मूलन कार्यक्रम के तहत सभी जिलों के डीएम को निर्देश भेजा गया है। उनकी निगरानी में भिखारियों का रेस्क्यू किया जाएगा। इसके बाद कौशल प्रशिक्षण से जोड़ा जाएगा। समाज कल्याण विभाग की ओर से हाल के दिनों में 100 से अधिक लोगों को दस-दस हजार का चेक प्रदान किया गया है, ताकि वह स्वरोजगार कर सकें।







