शराब सेवन की पड़ताल के लिए की जा रही ब्रेथ एनलाइजर जांच के दौरान संक्रमण का खतरा न हो इसके लिए हर व्यक्ति की जांच के बाद उसकी एक्सटेंशन पाइप को बदलना होगा। उत्पाद आयुक्त बी कार्तिकेय धनजी ने सोमवार को प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि विभाग के पास एक्सटेंशन पाइप की कमी नहीं है। पुलिस या उत्पाद विभाग के कर्मी इसका अनुपालन सुनिश्चित कराएं।

उन्होंने बताया कि शराब के खिलाफ सख्ती बढ़ाने के लिए जिलों में एंटी लिकर टास्क फोर्सकी संख्या भी बढ़ाई जा रही है। कई जिलों में एएलटीएफ की संख्या एक से बढ़ाकर आठ कर दी गई है। डीएम व एसपी के स्तर से इसका गठन किया जा रहा है। इसके अलावा छापेमारी, आसूचना आदि के लिए बाइक, स्कूटी व अन्य संसाधन भी मुहैया कराए जा रहे हैं।

शराबबंदी की शिकायतों से केके पाठक का मोबाइल हैंग : शराबबंदी की शिकायतों के लिए जारी अपर मुख्य सचिव केके पाठक के पास इतने संदेश आ रहे हैं कि बार-बार मोबाइल हैंग कर जा रहा है। वाट्सएप पर आने वाले संदेशों को जिलों के डीएम, एसपी के साथ उत्पाद अधीक्षकों को भेजा जा रहा है और कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी जा रही है। जिन लोगों की शिकायत पर कार्रवाई हो रही, वह आभार का संदेश भी भेज रहे। शिकायतों की बढ़ती संख्या को देखते हुए मोबाइल की जगह कंट्रोल रूम में वेब वाट्सएप के जरिए संदेशों की मानीटरिंग की व्यवस्था की जा रही है। सख्ती के बाद हर दिन औसत 14 हजार लीटर शराब पकड़ी जा रही है।

ड्रोन के लिए निकला टेंडर

शराब निर्माण के लिए इस्तेमाल किए जा रहे जंगली इलाके, दियरा क्षेत्र व सुदूर देहात क्षेत्रों की निगरानी के लिए विभाग ड्रोन की मदद लेगा। उत्पाद आयुक्त ने बताया कि ड्रोन सेवा देने वाली एजेंसी के चयन के लिए टेंडर निकाल दिया गया है। एसपी-डीएम की मांग के अनुसार जिलों में जल्द ही ड्रोन उपलब्ध कराए जाएंगे। जिला कार्यालयों के लिए 70 आइटी ब्वाय और 127 कंप्यूटर आपरेटर भी रखे गए हैं।

Source : Dainik Jagran

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