राज्य में जमीन की खरीद-बिक्री के साथ नक्शा भी बदल जाएगा। इसके लिए सरकार विशेष म्यूटेशन शुरू करने जा रही है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की इस व्यवस्था में बदलाव के लिए सोमवार को बिहार भूमि दाखिल खारिज (संशोधन) विधेयक सदन में वितरित किया। चालू सत्र में इसे पारित कर लिया जाएगा।

नई व्यवस्था में खरीद बिक्री होते ही अमीन प्लॉट पर जाकर भू-नक्शा सॉफ्टवेयर से संबंधित प्लॉट का क्रेता के मुताबिक विभाजन करेगा। उसका प्री म्युटेशन स्केच बनाकर अंचल में इस काम के लिए प्राधिकृत कर्मी से सत्यापित और अनुमोदित करवायेगा। इससे जमाबंदी के ऑकड़ों में परिवर्तन तो होगा ही गांव का नक्शा भी अपडेट हो जाएगा। इस प्रक्रिया के तहत म्युटेशन समाप्त होने के बाद शुद्घि-पत्र के साथ नये प्लॉट का नक्शा भी संलग्न मिलेगा। इस नक्शे में प्लॉट का नया नंबर, उसकी चौहद्दी, एरिया और अन्य जानकारी भी रहेगी। इस व्यवस्था से कोई सूचना छिपी नहीं रहेगी। जमीन खरीद-बिक्री में आम लोगों के ठगे जाने की संभावना भी समाप्त हो जाएगी। इससे भूमि विवादों को कम करने में मदद मिलेगी। अगर कोई व्यक्ति अपने भूखंड का एक भाग बेचता है तो म्यूटेशन के साथ उसका नक्शा भी मिलेगा। इससे पता चलेगा कि पूरे भूखंड का कौन से भाग किसके नाम बेचा गया है।
Source : Hindustan

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