राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बिहार आते ही बयानबाजी तेज हो गई है। लालू यादव ने कहा है कि वह पटना नीतीश कुमार का विसर्जन करने आए हैं। लालू के इस बयान पर नीतीश ने प्रतिक्रिया दी है। मंगलवार को मीडिया से बातचीत में नीतीश ने कहा कि लालू प्रसाद यादव चाहें तो मुझे गोली मारवा दें, सबसे अच्छा यही होगा। बाकी कुछ नहीं कर सकते। नीतीश ने कहा कि विपक्ष जानबूझकर रोजगार का मुद्दा बना रहा है। हर क्षेत्र में शिक्षक नियोजन से लेकर सरकारी सेवाओं में नियुक्तियां की जा रही हैं। लोगों को कुछ पता नहीं है केवल बयान दे रहे हैं। नीतीश ने लालू-राबड़ी के दौर की याद दिलाते हुए कहा कि जिन्हें 15 साल का समय मिला था उन्होंने कितने लोगों को रोजगार दिया है उनसे पूछें।

नीतीश ने कहा कि कुछ लोग अंदर रहकर केवल फोन पर राजनीति कर रहे हैं, उन्हें काम से मतलब नहीं है। नीतीश ने कहा कि हमारे पहले की सरकार ने कितनी सड़क बनवाई? कितने स्कूल खुलवाए? लोग जवाब नहीं देते केवल सवाल कर रहे हैं। राज्य में रोजगार के काफी अवसर दिए जा रहे हैं। बिहार पुलिस में बड़ी संख्या में महिलाएं सुरक्षा का जिम्मा संभाल रही हैं। उन्होंने कहा कि पहले कि सरकार क्या कर रही थी? बाढ़ आती थी तो क्या करते थे यह पूरा बिहार जान चुका है। बता दें कि राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद ने सोमवार को कहा था कि वे पटना नीतीश कुमार का विजर्जन करने आए हैं। उन्होंने कहा था कि बिहार की जनता नीतीश सरकार के कार्यों को पसंद नहीं कर रही है। ऐसे में परिवर्तन तय है। नीतीश पर बयान देने के बाद सियासत गर्म हो गई। इसके पहले लालू ने बिहार काग्रेस प्रभारी को भकचोन्हर (बेवकूफ) कर दिया था।
Source : Dainik Jagran
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