दरभंगा. बिहार में भ्रष्ट अफसरों के खिलाफ नीतीश सरकार एक्शन मोड में आ गई है. शराब के साथ-साथ बालू माफिया से सांठगांठ करने वाले अधिकारियों पर गाज गिरने लगी है. इसी क्रम में औरंगाबाद के पूर्व जिला परिवहन पदाधिकारी और दरभंगा में आपदा प्रबंधन के समाहर्ता के पद पर तैनात अनिल सिन्हा के 4 ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है. आर्थिक अपराध इकाई की टीम डीएसपी के नेतृत्व में छापेमारी कर रही है. अनिल सिन्हा पर भ्रष्ट तरीके से संपत्ति अर्जित करने का बड़ा आरोप है. बालू के अवैध खनन मामले को लेकर आर्थिक अपराध इकाई के राडार पर आए अफसरों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है.

आर्थिक अपराध इकाई की टीम ने आज अनिल सिन्हा के पटना के गोला रोड, मजिस्ट्रेट कॉलोनी, भोजपुर स्थित पैतृक आवास और दरभंगा में कार्यालय के साथ-साथ आवास पर भी डीएसपी स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में छापेमारी की जा रही है. दरअसल उनके खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई ने आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज किया था और उसके बाद कोर्ट से सर्च वारंट जारी किया गया था. सूत्रों की मानें तो जांच पड़ताल में अकूत कमाई का पता चला है.

हालांकि, इस मामले में अधिकारी फिलहाल कुछ भी बोलने से मना कर रहे हैं. बता दें कि हाल ही के दिनों में शराब और और बालू माफिया से सांठ-गांठ कर अवैध कमाई करने वाले कई अफसरों पर कार्रवाई की जा चुकी है. इसमें आईपीएस अधिकारी तक शामिल हैं. स्पेशल विजिलेंस यूनिट के अलावा आर्थिक अपराध इकाई और निगरानी की टीमों द्वारा छापेमारी कर अवैध तरीके से संपत्ति अर्जित करने के कई बड़े मामले सामने लाए जा चुके हैं. पिछले दिनों उत्पाद अधीक्षक मोतिहारी के ठिकानों पर छापेमारी कर उनके द्वारा अर्जित की गई अवैध संपत्ति का खुलासा किया गया था. इस कार्रवाई से भ्रष्ट अफसरों में हड़कंप मचा हुआ है.
Source : News18
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