उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे करीब आती जा रही है राजनीतिक दलों की सक्रियता बढ़ती जा रही है। पड़ोस के राज्य के चुनाव का असर बिहार की सियासत पर भी पड़ रहा है। खासकर सत्ता पक्ष के गठबंधन एनडीए (NDA) के दलों में ही बयानबाजी तेज हो चुकी है। भाजपा और जदयू में सीट पर तालमेल नहीं हो सकी है। इधर अलग चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुके बिहार सरकार के मंत्री और वीआइपी के अध्यक्ष मुकेश सहनी यूपी में भाजपा सरकार को टक्कर देने की तैयारी में जुटे हैं। अब एक नया बयान देकर चर्चा में आ गए हैं। मुजफ्फरपुर के सांसद अजय निषाद को लेकर सहनी ने ऐसे शब्द बोल दिए हैं जिससे सियासी घमासान मचा है। सांसद अजय निषाद ने कहा कि मुकेश सहनी बीजेपी की अनुकंपा पर हैं। वे पहले ऐसे व्यक्ति हैं जो हार कर नेता बना है। योगी आदित्यनाथ से टक्कर की बात तो दूर उनका टिकना भी मुश्किल है।

जितनी अहमियत 74 वाले की उतनी ही हमारी भी
इसको लेकर मुकेश सहनी ने कहा कि भाजपा जितनी गालियां दिलवाए, मार खिलाए लेकिन हम निषाद लोग संघर्ष करनेवाले हैं। संघर्ष कर ही यहां तक पहुंचे हैं। आने वाले समय में निषाद समाज को आरक्षण दिलाने का जो हमारा लक्ष्य है, उसे हासिल कर ही दम लेंगे। सहनी यहीं नहीं रुके उन्होंने कहा कि उन्होंने कह दिया कि वे अपनी भाषा नहीं बोल रहे। भाजपा के कहने पर भौंक रहे हैं। हालांकि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता लेकिन तकलीफ यही है कि हमारे समाज का बेटा ही हमारे बारे में ऐसा बोल रहा। सन आफ मल्लाह ने कहा कि बिहार में चार दलों के सहयोग से सरकार बनी है। इसलिए जितनी अहमियत 74 विधायक वाले की है उतनी ही चार विधायक वाले की। हमारे सहयोग से यह सरकार बनी है तो फिर अनुकंंपा की बात कहां से आ गई। जो राजनीति उन्हें विरासत में मिली है, उसे भी नहीं संभाल पा रहे। बोचहां सीट को उन्होंने वीआइपी की सीट बताया। कहा कि किसी को गठबंधन तोड़ना है तो खुद तोड़ ले। उस सीट पर वीआइपी ही चुनाव लड़ेगी।
Source : Dainik Jagran
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