बिहार के मखाना को देश और विश्व में मिथिला मखाना के नाम से जाना जाएगा. इस बात की जानकारी कृषि मंत्री अमरेंद्र प्रताप सिंह ने गुरुवार को विधान परिषद में दी. कांग्रेस एमएलसी प्रेमचंद मिश्रा के ध्यानाकर्षण में सरकार की तरफ से व्यक्तव्य देते हुए कृषि मंत्री अमरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि मिथिला मखाना को जल्द ही जीआई टैग भी मिल जाएगा. मंत्री ने कहा कि इसकी प्रक्रिया फिलहाल चल रही है. जीआई टैग मिथिला के नाम पर ही मिलेगा, इसके लिए बिहार कृषि विश्वविद्यालय ने पत्र भेज दिया है.

मखाना की खेती, फायदे एवं व्यापारिक लाभ। - Fasal Bazaar

मंत्री ने कहा कि यह गौरव की बात होगी, क्योंकि मिथिला मखाना बिहार का ही है. ध्यानाकर्षण प्रस्ताव में कांग्रेस एमएलसी प्रेमचंद मिश्रा ने कहा कि मखाना मिथिला की पहचान है. मखाना के कुल उत्पादन का 90% मिथिला में ही होता है. प्रेमचन्द मिश्रा ने कहा कि हाल के दिनों में इस मामले को लेकर कुछ असमंजस की स्थिति सामने आई थी, लेकिन कृषि मंत्री ने पूरे सदन को भरोसा दिलाया कि मखाना को मिथिला मखाना के नाम से ही जीआई टैग मिलेगा.

कृषि मंत्री की घोषणा के बाद परिषद में मेज थपथपा कर सदस्यों ने इसका स्वागत किया. कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार मखाना का उत्पादन बढ़ाने के लिए काम कर रही है. उन्होंने बताया कि पूर्णिया कृषि कॉलेज और बिहार कृषि विश्वविद्यालय की दो नई किस्मों का प्रत्याक्षम चल रहा है. नई किस्मों के आने के बाद उत्पादकता भी 16 से बढ़कर 28 क्विंटल प्रति हेक्टेयर हो गई है.

कृषि मंत्री की घोषणा के बाद प्रेमचंद मिश्रा ने कहा कि फिलहाल सरकार ने सदन में भरोसा तो दिलाया है, लेकिन उनकी इस पूरे मामले पर नजर बराबर बनी रहेगी, क्योंकि बीच में कई बार असमंजस की स्थिति उत्पन्न हुई है.

Source : News18

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