बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने विभिन्न कागजातों की दूसरी प्रति निकालने का शुल्क बढ़ा दिया है। अब मैट्रिक के मूल प्रमाण पत्र की दूसरी कापी लेने के लिए 500 रुपये शुल्क देना होगा। जबकि पहले इसके लिए शुल्क 300 रुपये था। बढ़ी दरें इसी महीने की एक फरवरी से लागू हो गई हैं। अब डाक्युमेंट निकालने के लिए ज्यादा राशि देनी होगी।
अब पहले से काफी ज्यादा देना होगा शुल्क

इसी तरह इंटर के परीक्षार्थियों को औपबंधिक प्रमाणपत्र लेने के लिए 240 रुपये देना होगा, पूर्व में इसके लिए 120 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया। इसी तरह प्रमाणपत्रों में किए जाने वाला सुधार शुल्क भी बढ़ा दिया गया है। अब प्रमाण पत्रों में लघु सुधार के लिए 500 रुपये एवं दीर्घ सुधार के लिए 800 रुपये शुल्क देना होगा। पहले लघु सुधार के लिए 300 रुपये एवं दीर्घ सुधार के लिए 600 रुपये निर्धारित किया गया था।

- – मैट्रिक के मूल प्रमाण पत्र लेने के लिए अब देना होगा 500 रुपये
- – पहले 300 रुपये निर्धारित था शुल्क
- – कागजातों में दीर्घ सुधार के लिए अब लगेगा 800 रुपये
- – पहले इसके लिए निर्धारित था 600 रुपये शुल्क
- – एक फरवरी से लागू हो गई हैं छात्रों के लिए बढ़ी हुई दरें

– बिहार बोर्ड द्वारा बढ़ाये गए शुल्क
– द्वितीय प्रमाण पत्र : मैट्रिक के प्रमाण पत्र : इंटर के प्रमाण पत्र : डीएलएड के प्रमाण पत्र
– मूल प्रमाण पत्र : 500 : 600 : 600
– औपबंधिक प्रमाण पत्र : 300 : 240 : 240
– अंक प्रमाण पत्र : 300 : 300 : 300
– माइग्रेशन सर्टीफिकेट : 350 : 240 : 000
– पंजीयन कार्ड : 200 : 000 : 200
– अंग्रेजी वर्जन प्रमाण पत्र : 500 : 600 : 000
Source : Dainik Jagran








