उत्तर प्रदेश सरकार जिस किट से कोरोना जांच के दावे कर रही है उसे बिहार में खपाया जा रहा है। पटना के पटेल नगर का रहने वाला हरिओम सिंह बिहार में यूपी सरकार के एंटीजन जांच किट का बड़ा सप्लायर है। उत्तर प्रदेश में इसका खुलासा होते ही हरिओम पुलिस के रडार पर आ गया है। सूपी पुलिस पटना पुलिस से संपर्क साधकर हरिओम की गिरफ्तारी का प्रयास कर रही है। यह खुलासा तब हुआ है जब उत्तर प्रदेश के कुछ स्वास्थ्य कर्मी हरिओम को डिलीवरी करने के लिए 23 लाख की सरकारी एंटीजन किट लेकर निकले थे। पटना SSP उपेंद्र शर्मा का कहना है कि अभी पुलिस ने संपर्क नहीं किया है। अगर मामला संज्ञान में आता है तो पटना पुलिस आरोपित को गिरफ्तार करेगी।

4 आरोपियों की गिरफ्तारी से हुआ बड़ा खुलासा

UP के सिद्धार्थनगर जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उस्का बाजार के मेडिकल अफसर डॉ अविनाश चौधरी को सूचना मिली थी कि सरकारी एंटीजन किट की कालाबाजारी की जा रही है। इसमे स्वास्थ्य कर्मियों की संलिप्तता उजागर हुई। सरकार की तरफ से आम जनता की जांच के लिए दी जाने वाली एंटीजन किट की झूठी जांच रिपोर्ट तैयार कर किट को बेच रहे हैं। इसके बाद SDM सदर और CO सदर ने एक टीम बनाई। इसका खुलासा करने के लिए स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप को भी लगाया गया। टीम कई दिनों से जांच में लगी थी। पुलिस ने 4 आरोपियों को UP के उस्का बाजार थाना एरिया से गिरफ्तार कर 23 लाख का सरकारी एंटीजन किट बरामद किया है।

बिहार की तरफ जाने की तैयारी में हुई गिरफ्तारी

पुलिस ने गोरखपुर की तरफ जाते समय सड़क पर छापेमारी कर आरोपियों को पकड़ा है। वह एक सफेद कार से सरकारी एंटीजन किट लेकर निकले थे। पुलिस ने स्वास्थ्य केंद्र में तैनात लैब असिस्टेंट शिव शंकर, संविदा लैब टेक्नीशियन विनोद कुमार त्रिपाठी, लैब टेक्नीशियन मुख्तार अली को गिरफ्तार किया है जबकि चौथा आरोपित ओंकार त्रिपाठी भी अन्य स्वास्थ्य केंद्र में लैब टेक्नीशियन है। पुलिस की पूछताछ में पता चला कि वह स्टाेर से मिले सरकारी एंटीजन किट निर्धारित स्थान पर व्यकियो की जांच न कर बाजार में बेंच देते थे। इसके लिए सरकारी कागजों में फर्जीवाड़ा करते थे।

पुलिस का कहना है कि मौके से गत्तो में रखे गए एंटीजन किट को बरामद किया गया है, जिसकी कीमत 23 लाख रुपए है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह पूर्व में भी वह किट को बिहार में दे चुके हैं। पुलिस के मुताबिक पकड़े गए आरोपियों ने बताया है कि वह बिहार के पटना में पटेल नगर के रहने वाले हरिओम सिंह को एंटीजन की सप्लाई करते थे।

हरिओम के पास पार्सल से आता था यूपी का जांच किट

पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि हरिओम को यूपी का सरकारी कोरोना जांच किट पार्सल से भेजा जाता था। किट मिलने के बाद हरिओम स्वास्थ्य कर्मियों के एकाउंट में पैसा भेजता था। पुलिस की पूछताछ में पैसे का डिटेल भी सामने आया है। आरोपियों ने बताया कि इस बार भी वह 2 हजार एंटीजन सरकारी किट को हरिओम के पास पटना भेजने निकले थे। यूपी पुलिस अब पटना पुलिस से संपर्क साधने में जुटी है। पुलिस को उम्मीद है कि हरिओम की गिरफ्तारी से उत्तर प्रदेश के सरकारी कोरोना जांच किट की ब्लैक मार्केटिंग का बड़ा खुलासा होगा।

Input: dainik bhaskar

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