पटना स्थित ‘Khan GS Research Centre’ के संचालक और यूट्यूब के जरिए अलग अंदाज़ से पढ़ाने वाले शिक्षक ‘खान सर’ सोशल मीडिया पर विवादों में हैं। कोई उन्हें संघी बता रहा है तो कोई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का समर्थक। ‘खान सर’ को लेकर ‘रिपोर्ट ऑन खान सर’ और ‘फेक खान सर’ जैसे कई ट्रेंड्स चल रहे हैं। साथ ही उनके कुछ वीडियोज के क्लिप्स भी शेयर किए जा रहे हैं और उन्हें ‘अमित सिंह’ बताया जा रहा है।
https://twitter.com/TSP4India/status/1396179278920704000?s=19
बता दें कि यूट्यूब पर ‘खान सर’ के 92.7 लाख सब्सक्राइबर्स हैं। ‘टीपू सुल्तान पार्टी’ ने खान सर की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, “हमें नहीं पता कि ये व्यक्ति मुस्लिम है भी या नहीं लेकिन ये निश्चित रूप से एक संघी है।” इस ट्वीट की रिप्लाई में सलीम शेख ने कहा कि ये मुस्लिम नहीं हो सकता। वहीं किसी ने इसे ‘संघी खान’ बताया तो किसी ने दावा किया कि उनका असली नाम अमित सिंह है और उनकी अकादमी के छात्रों ने उन्हें ‘खान सर’ का नाम दे दिया है।
https://twitter.com/Rahul32649739/status/1394249431298441218?s=19
राहुल मिश्रा नामक यूजर ने ट्विटर पर रक वीडियो शेयर किया, जिसमें खान सर कहते दिख रहे हैं, “मोदी जी मैं आपको गारंटी देता हूँ कि आपको हराने वाले कोई होगा ही नहीं, जब तक मुस्लिम लोग आपको गाली देना नहीं छोड़ेंगे।” साथ ही उन्होंने साजिद रशीदी, शोएब जमाई और अंसार रजा जैसों के लिए ‘बकलोल’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए कहा कि ये हिन्दुओं और मोदी को गाली देने के लिए पैसे मिलते हैं।

मोहम्मद समीर विंधानी ने खान सर को ‘फेक मुस्लिम’ बताते हुए लिखा कि उनका असली नाम अमित सिंह है। इसके लिए उसने खान सर के एक कथित इंटरव्यू का टेक्स्ट शेयर किया, जिसमें लिखा है कि एक बैच में उन्हें ‘फैज़ल खान’ नाम दे दिया, वरना पहले लोग उन्हें अमित सिंह कहते थे।
Input: opindia







