रविवार पांच सितंबर को शिक्षक दिवस (Teachers Day) है. इस खास अवसर पर ऐसे शिक्षक की चर्चा कर रहे हैं जिन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) को हाई स्कूल में पढ़ाया है. पटना से सटे बख्तियारपुर (Bakhtiyarpur) के रहने वाले जगत नारायण सिंह (Jagat Narayan Singh) श्री गणेश उच्च विद्यालय में शिक्षक थे और उसी स्कूल से नीतीश कुमार ने अपनी 10वीं तक पढ़ाई पूरी की थी. 93 साल की उम्र में भी जगत नारायण सिंह को स्कूल की तमाम पुरानी बातें याद हैं. वो बताते हैं कि नीतीश कुमार के पिताजी स्वर्गीय राम लखन वैद्य से उनके पारिवारिक संबंध थे. जिस श्री गणेश विद्यालय में वो पढ़ाते थे, नीतीश कुमार के पिता उसी स्कूल के सेक्रेटरी हुआ करते थे.

जगत नारायण सिंह को इस बात का गर्व है कि जिस छात्र को उन्होंने पढ़ाया वो आज बिहार का मुख्यमंत्री है. बतौर शिक्षक पुरानी बातों का जिक्र करते हुए जगत नारायण सिंह कहते हैं कि नीतीश कुमार स्कूल में अनुशासित रहते थे और शिक्षकों का काफी सम्मान किया करते थे. उन्होंने बताया कि एक बार नीतीश कुमार स्कूल आने के क्रम में मालगाड़ी के डब्बे के नीचे से निकल कर आ रहे थे, उन्होंने नीतीश कुमार को ऐसा करते हुए देख लिया, जिसके बाद स्कूल आने पर उन्हींने नीतीश कुमार को खूब डांटा था. जिसके बाद नीतीश कुमार को भी अपनी गलती का एहसास हुआ और उन्होंने प्रतिज्ञा लिया कि वो फिर कभी रेलगाड़ी के डिब्बे के नीचे से होकर नही गुजरेंगे.

नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री बनने के बाद उनके गुरु जगत नारायण सिंह ने उनसे कई बार मुलाकात की. एक बार तो वो मुख्यमंत्री के जनता दरबार में अपने गांव के स्कूल की समस्या को लेकर पहुंचे थे. जगत नारायण सिंह कहते हैं कि बतौर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार काफी अच्छा काम कर रहे हैं. उन पर कई जिम्मेदारियां हैं. यह और बात है कि मैं जिस समस्या को लेकर उनसे मिलने जनता दरबार में गया था उसका समाधान नहीं हो सका है.

बिहार की शिक्षा व्यवस्था से खुश मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गुरु जगत नारायण सिंह कहते हैं कि हाल के दिनों में कई बदलाव हुए हैं. शिक्षा के स्तर में भी सुधार हुआ है. लेकिन शिक्षकों को जो सम्मान मिलनी चहिए थी वो नहीं मिल रहा है. वो कहते हैं कि रेल मंत्री बनने के बाद नीतीश कुमार ने बख्तियारपुर स्थित उनके गांव करनौती में बहुत काम किया. उनके गांव में पहले रेलवे हाल्ट हुआ करता था जिसे बाद में रेलवे स्टेशन में तब्दील किया गया. साथ ही रेलवे स्टेशन से उनके गांव तक आने के लिए बगल से एक सड़क का भी निर्माण नीतीश कुमार ने करवाया.

नीतीश कुमार के गुरु होने के नाते गुरु दक्षिणा मांगने के सवाल पर जगत नारायण सिंह कहते हैं कि गुरु दक्षिणा मांगने की चीज नहीं होती है. किसी भी गुरु के द्वारा गुरु दक्षिणा मांगा नहीं जाता और गुरु दक्षिणा के बदले दबाव में कोई काम भी नहीं करवाया जाता. उन्होंने कहा कि गुरु द्रोणाचार्य ने एकलव्य से उसका अंगूठा मांग कर शिक्षक के मर्यादा को कलंकित किया था.
Source: news18
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