केंद्रीय बजट में दो लाख मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र बनाने की घोषणा की गई है। इससे बिहार में भी मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र बनाए जाने का मार्ग प्रशस्त होगा। इससे राज्य में आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से किए जा रहे कार्यों को लाभुकों तक पहुंचाने में काफी मदद मिलेगी।


समेकित बाल विकास निदेशालय (आईसीडीएस) के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार राज्य में 1.14 लाख आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इनमें 1.12 लाख आंगनबाड़ी केंद्र वर्तमान में संचालित हैं। इनमें कई आंगनबाड़ी केंद्रों के मॉडल केंद्र में तब्दील होने से वहां सामुदायिक विकास के लिए सभी प्रकार की आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध करायी जा सकेगी। वहीं, आर्थिक विशेषज्ञ व आद्री की सहायक प्राध्यापक वर्णा गांगुली ने कहा कि राज्य में आंगनबाड़ी केंद्रों के अपग्रेडेशन से प्री-स्कूल शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में काफी सहायता मिलेगी। विशेष रुप से गर्भवती, शिशुवती महिलाओं एवं 0 से 6 वर्ष के बच्चों के स्वास्थ्य की नियमित जांच एवं अन्य सेवाओं में भी बढोतरी होगी। आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से टेक होम राशन का वितरण किया जाता है। पौष्टिक पोषाहार वितरण से महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार आएगा।
Source : Hindustan







