घर से लेकर बाजार तक महापर्व छठ के गीत बज रहे हैं। इससे माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया है। इस बीच बिग बॉस ओटीटी फेम भोजपुरी एक्‍ट्रेस और गायिका अक्षरा सिंह का छठ गीत लोगों को खूब पसंद आ रहा है। ‘बड़ा भाग पवले बाड़े’ गाने शब्‍द और वीडियो दोनों, लोगों को भावविह्वल कर रहे हैं। इस माध्‍यम से अक्षरा सिंह ने समाज में व्‍याप्‍त जात-पात की कुरीतियों पर भी प्रहार किया है।

सूप बनाने वाली महिला के कि‍रदार में दिखीं अक्षरा

गाने के वीडियो में अक्षरा सिंह एक सूप बनाने वाली महिला के किरदार में दिख रही हैं। वे छठ महापर्व के लिए सूप बेचते हुए एक घर के आगे पहुंचती हैं। सूप लेने की आवाज लगाती हैं। घर के आगे खटिया पर सुखाए जा रहे गेहूं से उनका हाथ सट जाता है। इसके बाद एक महिला घर से निकलती है। सूप बेचने वाली महिला (अक्षरा) को फटकार लगाते हुए गेहूं उसके मुंह पर उड़ेल देती है। इससे आहत सूप वाली महिला बिलखते हुए वहां से चली जाती है। फ्लैशबैक में गीत बजता है, दुखवा के सहे कइलू बजर के छतिया हो…बड़ा भाग पवले बाड़े आहि रे..। इस गीत के माध्‍यम से सभी को एक नजर से देखने का संदेश दिया गया है।

May be an image of 2 people, outdoors and text that says "Rshara बड़ा भाग पवले बाड़े स्वर अक्षरा सिंह"

अक्षरा सिंह कहती हैं कि जब छठी माई की कृपा सभी पर एक समान होती है। भगवान भास्‍कर की रोशनी सबको एक समान मिलती है तो फिर हम एक-दूसरे में फर्क क्‍यों करते हैं। वे कहती हैं कि यह महापर्व तो समाज की समावेशी संरचना की प्रतीक है। छठ महापर्व में सूप का अहम स्‍थान है फिर भी उन्‍हें बनाने वाले के साथ हम छूआछूत करते हैं। यह बिल्‍कुल गलत है। यदि कोई अपवित्र और अछूत होते तो उनके बनाए सामान छठी मइया पर नहीं चढ़ते। अक्षरा सिंह बताती हैं कि इस गीत में उन्‍होंने य‍ही दिखाने का प्रयास किया है। गाने के बोल मनोज मतलबी और संगीत घुंघरू जी का है। निदेशक अंंजनी कुमार हैं।

Source : Dainik Jagran

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