बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने रविवार को कहा है कि स्वास्थ्य विभाग मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा देने के साथ-साथ अस्पताल परिसर की भी सूरत बदलने की दिशा में भी काम कर रहा है. इसी कड़ी में राज्य भर के सभी सरकारी अस्पतालों को व्यवस्थित और सुंदर बनाने को लेकर वर्षों से अस्पतालों में यत्र-तत्र फैले कबाड़ को हटाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है.

इस प्रक्रिया को अंजाम देने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने भार सरकार के उद्यम एमएसटीसी लिमिटेड के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया है. एमएसटीसी ई-नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से बेकार पड़ी सामग्रियों को निपटाया जायेगा. ई-नीलामी ऑनलाइन प्रतिस्पर्धी बोली के माध्यम से नीलामी आयोजित करने की प्रक्रिया है.

मंगल पांडेय ने कहा कि खराब पुराने एंबुलेंस, टूटी-फूटी मेज और कुर्सियां, बेड खराब पुराने उपकरण और इस तरह के अन्य कबाड़ ने परिसर में अनावश्यक रूप से जगह घेर रखा है. इससे प्रमुख पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) सहित अन्य अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों के परिसर भी गंदा हैं.

इससे वहां कर्मियों और मरीजों को भी परेशानी होती है. अस्पताल परिसर में जमा पड़े कचरे ने अस्पतालों की सुंदरता खराब कर दी है. इसलिए स्वास्थ्य विभाग ने स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर और कबाड़ को हटाकर सभी अस्पतालों को सुंदर बनाने का फैसला किया है. इसके लिए प्रक्रिया भी शुरू कर दी गयी है. खाली किये गये स्थानों का उपयोग बेहतर काम के लिए किया जायेगा
Input: prabhat khabar





