अब सरकार के मंत्री और पटना हाई कोर्ट के न्यायाधीश 30 लाख रुपये तक की गाड़ी पर सफर करेंगे। वाहनों की कीमतों में हुई बढ़ोतरी के मद्देनजर राज्य सरकार ने यह फैसला किया है। वित्त सचिव (संसाधन) लोकेश कुमार सिंह के हवाले से सोमवार को अधिसूचना जारी हो गई है।

इससे पहले मंत्री और पटना हाई कोर्ट के न्यायाधीश के लिए सरकारी वाहन खरीद की अधिकतम सीमा 25 लाख रुपये तक थी। इस बढ़ोतरी का लाभ उन लोक सेवकों और पदाधिकारियों को भी मिलेगा, जिनका पद मंत्री या पटना हाई कोर्ट के न्यायाधीश के समकक्ष है। राज्य सरकार ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया था। समिति की सिफारिश पर यह बढ़ोतरी की गई है। 30 लाख रुपये वाहनों का आन रोड मूल्य है। इसमें साज-सज्जा में होने वाला खर्च भी शामिल है। समिति की सिफारिश सोमवार से लागू भी हो गई।

सरकार के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव एवं समकक्ष पदधारकों को 20 लाख रुपये तक के वाहन दिए जाएंगे। जिला पदाधिकारी एवं समकक्ष पदधारकों को 18 लाख रुपये तक का वाहन मिलेगा। जिला जज और जिलों के पुलिस अधीक्षक एवं समकक्ष पद के अधिकारियों के लिए 13 लाख रुपये तक के वाहनों की खरीद होगी। सरकार ने इन श्रेणियों के अलावा इनसे निम्न श्रेणी के अधिकारियों के लिए भी वाहन के अधिकतम मूल्य का निर्धारण किया है। यह 11 लाख रुपये है। राज्य सरकार प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी के अलावा कई श्रेणी के अभियंताओं को भी वाहन की सुविधा देती है।
Source : Dainik Jagran

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