बिहार में छठ का पर्व पूरे धूमधाम से मनाया जाता है, ये पर्व चार दिनों तक चलता है। छठ महापर्व को मुख्य रूप से बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में मनाया जाता है। इस त्योहार में 36 घंटे का निर्जला व्रत रखते हैं और छठी मइया और सूर्यदेव को अर्घ्य दिया जाता है। मान्यता है कि छठ पूजा करने से छठी मइया भक्तों की सभी मनोकामना पूरी करती है।
Delhi: Devotees gather at Millennium Hanuman Park, Chirag Delhi to perform the rituals of #ChhathPuja2021 pic.twitter.com/6xqwD4mcqN
— ANI (@ANI) November 10, 2021
छठ महापर्व के तीसरे दिन व्रतियों ने अस्ताचलगामी सूर्य को नमन कर पहला अर्घ्य दिया। बता दें, डूबते सूर्य को अर्घ्य देने का समय शाम में 4:30 से 5:26 बजे के बीच था। वहीं कल उदयगामी सूर्य को अर्घ्य देने का समय सुबह 6:34 बजे से है। जिसके साथ ही छठ महापर्व समाप्त हो जाएगा।

अर्घ्य देने के साथ भगवान से परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। गुरुवार को उदीयमान सूर्य को अर्घ्य के साथ छठ का व्रत संपन्न हो जाएगा। मंगलवार को खरना की रस्म पूरी करने के बाद महिलाओं का निर्जला व्रत शुरू हो गया था जिसके बाद बुधवार को तीसरे दिन छठ व्रतियों ने अस्ताचलगामी सूर्य को पहला अर्घ्य दिया। दोपहर से ही घाटों पर छठ व्रतियां और उनके परिवार के सदस्या घाटों का रुख करने लगे थे।
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